पाकिस्तान ने जमात उद दावा के मुखिया हाफिज सईद के नए संगठन तहरीक-ए-आजादी जम्मू और कश्मीर (टीएजेके) पर प्रतिबंध लगा दिया है। पाकिस्तान ने यह कदम आतंक के खिलाफ लड़ने व उसकी फंडिंग रोकने के लिए खुद पर पड़ रहे अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच उठाया है।
टीएजेके को जमात-उद-दावा के संगठन के रूप में उस समय प्रसिद्धि मिली जब उसने 5 फरवरी को ‘कश्मीर दिवस’ के अवसर पर कश्मीर की आजादी के संबंध में रैली की। साथ ही देशभर में बैनर व झंडे लगाए।
इससे एक दिन पहले ही लाहौर में हाफिज सईद को 90 दिन के लिए ‘घर में नजरबंद’ किया गया था। नजरबंद होने से पहले सईद ने इस बात के संकेत दिए थे कि वह ‘कश्मीर की आजादी में तेजी’ के लिए टीएजेके की शुुरुआत कर सकता है। जमात-उद-दावा को टीएजेके के रूप में ब्रांडिंग करना दर्शाता है कि हाफिज सईद को सरकार की योजना की जानकारी पहले ही मिल गई थी।
पाकिस्तान की नेशनल काउंटर टेररिज्म अथॉरिटी की वेबसाइट पर उपलब्ध सूची के अनुसार स्पेन में फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स की बैठक के 15 दिन पहले 8 जून को जमात-उद-दावा के फ्रंट को ‘गैरकानूनी करार दिए गए संगठनों’ की सूची में शामिल किया था। ‘
द नेशंस’ की रिपोर्ट के अनुसार जमात-उद-दावा ने अपने संगठन पर प्रतिबंध लगने के बाद इस पर चर्चा करने के लिए सोमवार को बैठक बुलाई है। प्रतिबंधित संगठनों की सूची में जैश-ए-मोहम्मद, अल-कायदा, तहरीक-ए-तालिबान और जमात-उद-दावा की सैन्य शाखा लश्कर-ए-ताइबा समेत 64 संगठन शामिल हैं।