पाकिस्तान भारत के खिलाफ किस हद तक जा सकता है, इसका अंदाजा पाक आर्मी चीफ कमर बाजवा के इस बयान से लगाया जा सकता है, जिसमें बाजवा ने कहा है कि वो कश्मीरी भाईयों के साथ हैं। पर सीमा पार कश्मीर में ही। बाजवा ने साफ कहा है कि वो कश्मीरियों के हक के लिए उन्हें सीमा पार अनाधिकारिक तौर पर सहयोग करते रहेंगे, लेकिन एलओसी के पार पाकिस्तानी इलाके में न तो कश्मीरियत के लिए कोई जगह है, न ही अलगाववाद के लिए। बाजवा का ये बयान पाकिस्तान के कश्मीरियों को लेकर दोहरे रवैय्ये को भी दिखाता है।
पाक आर्मी चीफ कमर बाजवा ने शनिवार को एलओसी में मुजफ्फराबाद सेक्टर के दौरे के बाद ये बयान दिया, जिसे पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिस रिलेशंस ने जारी किया। पाक अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक कमर बाजवा ने ये भी कहा कि सीमा पर भारत की ओर से होने वाली किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पाक आर्मी हमेशा तैयार है।
बाजवा ने भारतीय सेना को चेताते हुए भी कहा कि पाक सेना हर तरह की स्थितियों से निपटने को तैयार है। उन्होंने भारतीय सेनाध्यक्ष बिपिन रावत के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी थी, जिसमें भारतीय आर्मी चीफ ने कहा था कि भारत अढ़ाई फ्रंटों पर लड़ाई के लिए तैयार है। ये अढ़ाई फ्रंट पाक, चीन और पाक समर्थित अलगाववाद हैं।
कमर बाजवा के बयान को जारी करते हुए इंटर-सर्विसेज पब्लिस रिलेशंस ने कहा है कि पाकिस्तान की सेना 'अपने कश्मीरी भाईयों के स्वशासन' के लिए सीमापार में सहयोग देती रहेगी। पर पाक अधिकृत कश्मीर में अलगाववाद की कोई जगह नहीं है।
सीमापार के कश्मीरियों के साथ है पाक सेना, पीओके में अलगाववाद की जगह नहीं: पाक आर्मी चीफ
नवाज शरीफ और जनरल बाजवा
- फोटो : Daily Mail
पाक सेना कश्मीर की अस्थिरता का फायदा उठाने की हमेशा ताक में रहती है। वो घुसपैठियों को एलओसी में मदद देती है, तो असलहा-बारूद के साथ ही नकदी भी उपलब्ध कराती है। उसकी पूरी कोशिश कश्मीरियत के नाम पर भारत को अस्थिर करने की होती है, जबकि सीमापार कश्मीरियत के नाम पर उसे सांप सूंघ जाता है। बता दें कि पाकिस्तान पीओके में आजाद कश्मीर और गिलगिट-बाल्टिस्तान के तौर पर दो हिस्से कर राज करता है, और कश्मीर में अलगाववादियों को खुली मदद करता है। हाल ही में एनआईए की जांच में भी हुर्रियत नेताओं को पाक से फंडिंग की बात सामने आई है।
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान की सेनाएं 778 किमी लंबे एलओसी पर तैनात हैं। इसी एलओसी के माध्यम से पाक सेना आतंकियों को घुसपैठ के दौरान मदद करती है। इसी क्रम में 1 मई को दो भारतीय सैनिकों के साथ कृष्णा घाटी सेक्टर में बर्बरता हुई थी, जिसके जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तान की चौकियों और बंकरों को तबाह करते हुए कई पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया था। इस हमले में भारतीय सेना ने लाइट फील्ड गन के साथ, एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल, हैवी मोर्टारों, राकेट लांचरों के साथ ही इंफैंट्री टैंकों का इस्तेमाल किया था।