पाक सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर (फाइल फोटो)
पाकिस्तान ने एक बार फिर फरेब का खेल खेला है। पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को दावा किया कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का देश में कोई वजूद नहीं है। पाक सेना का यह दावा पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के उस बयान के मात्र चार दिनों बाद आया है जब कुरैशी ने कहा था कि प्रधानमंत्री इमरान खान जैश के मुखिया मसूद अजहर के संपर्क में हैं।
पाक सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने सीएनएन से बातचीत में कहा, 'जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान में मौजूद नहीं है।' इससे केवल चार दिन पहले कुरैशी ने बीबीसी से बात करते हुए कहा था कि पुलवामा हमले को लेकर पाकिस्तान सरकार ने जैश नेतृत्व से बात की थी और जैश ने हमले में अपनी भागीदारी होने से इंकार किया था। कुरैशी यह भी स्वीकार कर चुके हैं कि मसूद अजहर पाकिस्तान में ही है।
कुरैशी ने सीएनएन के साथ साक्षात्कार में कहा था, 'वह (अजहर) पाकिस्तान में है। मेरी जानकारी के मुताबिक वह बहुत बीमार है। वह इतना बीमार है कि अपने घर से भी नहीं निकल पा रहा है।'
खास बात यह है कि गफूर का यह दावा घरेलू मामलों के मंत्रालय के एक दिन पहले के बयान के बाद आया है, जिसमें मंत्रालय ने कहा था कि उन्होंने अजहर के भाई और बेटे को संदिग्ध आतंकी संबंधों के शक में निवारक हिरासत (प्रिवेंटिव कस्टडी) में लिया गया है।
14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में 40 सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद से पाकिस्तान पर वैश्विक स्तर से दबाव बनने लगा कि वह अपनी जमीन पर आतंकी संगठनों को सहयोग और समर्थन देना बंद करे।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक सूची साझा की थी जिसमें 2001 में पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के होने की पुष्टि की गई थी।