पाकिस्तान की शीर्ष शरीयत अदालत ने ‘टेस्ट ट्यूब बेबी’ को कानूनी दर्जा दे दिया है। इससे इस्लामी देश पाक में मेडिकल दिक्कतों के चलते मां-बाप बनने के सुख से वंचित लोगों को फायदा मिलेगा। शरीयत अदालत ने कहा कि टेस्ट ट्यूब के जरिए मां-बाप बनना कानूनी है।
पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक मंगलवार को फेडरल शरीयत कोर्ट ने कहा कि अगर शुक्राणु पिता (स्पर्म) और अंडाणु मां का है, तो दोनों की रजामंदी से टेस्ट ट्यूब के जरिए प्रजनन की चिकित्सा प्रक्रिया कानूनी तौर पर सही है। साथ ही कोख भी मां की ही होनी चाहिए। शरीयत कोर्ट ने किराए की कोख से जन्मे बच्चे को गैर कानूनी और कुरान एवं सुन्नत के खिलाफ बताया है।
इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) पर 22 पेज के अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि यह चिकित्सा प्रक्रिया न तो गैर कानूनी मानी जा सकती है और न ही पवित्र कुरान और सुन्नत के खिलाफ। ऐसे में बच्चे के वैध जन्म पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है। लिहाजा आईवीएफ के जरिए जन्म लेने वाले बच्चे को पूरा कानूनी अधिकार है।
टेस्ट ट्यूब बेबी को गैर इस्लामिक नहीं माना जाएगा। शरीयत कोर्ट ने गैर कानूनी और गैर इस्लामिक तरीके से बच्चा हासिल करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।