पत्रकारों से बातचीत में इमरान ने कहा कि हमें इतिहास से सीखना चाहिए, उसमें जीना नहीं चाहिए। हाफिज सईद और दाऊद इब्राहिम को सजा के सवाल पर खान ने कहा कि उनके खिलाफ तो संयुक्त राष्ट्र ने पहले ही शिकंजा कस रखा है।
गौरतलब है कि हाल ही में सुरक्षा परिषद ने आतंकियों की सूची जारी की थी, जिसमें दाऊद भी शामिल था और उसका पता कराची बताया गया था। उल्लेखनीय है कि करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास कार्यक्रम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत से संबंध सुधारने की मंशा तो जताई थी, लेकिन आतंकवाद पर चुप्पी साधे रखी।
पाक पीएम ने जेल में बंद 33 वर्षीय भारतीय कैदी का मसला सुलझाने का भरोसा दिया है। दरअसल मुंबई निवासी हामिद नेहाल अंसारी को पाकिस्तान में एक युवती से मिलने के लिए अवैध रूप से प्रवेश करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। इमरान ने कहा कि मुझे इस मसले के बारे में मालुमात नहीं है, लेकिन हम पूरा प्रयास करेंगे।
बताया जाता है कि ऑनलाइन मित्रता के बाद अंसारी अपनी दोस्त से मिलने के लिए अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान चला गया था। वर्ष 2012 में गिरफ्तारी के बाद से वह पेशावर सेंट्रल जेल में बंद है। उसे पाकिस्तान का फर्जी पहचान पत्र रखने के जुर्म में वहां की सैन्य अदालत ने सजा सुनाई थी, जिसकी मियाद खत्म होने वाली है।