भारत-पाकिस्तान को कोरियाई देशों के तरह अपने विवादों को हल करना चाहिए। हालात को सामान्य बनाने और शांति स्थापित के लिए प्रयास करने चाहिए, जो इस क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी है। पाकिस्तानी अखबार डॉन न्यूज ने अपने संपादकीय में यह सलाह दी है।
हालांकि अखबार ने माना कि भारत-पाकिस्तान के विवाद कोरिया से अलग हैं। अखबार ने लिखा, भारत पाकिस्तान का इतिहास बदला नहीं जा सकता है। फिर भी दोनों देशों के इतिहास और यहां के लोगों के सपनों में समानताएं हैं। दोनों देशों के लोगों में सांस्कृतिक समानताएं भी हैं।
उधर उत्तर-दक्षिण कोरिया दोनों देश इस समझौते पर आए हैं कि एक साल के भीतर कोरियाई उपमहाद्वीप से सभी तरह के न्यूक्लीयर हथियार हटा दिए जाएंगे। साथ ही अमेरिका के साथ बातचीत करते हुए इन दोनों देशों ने करीब 65 सालों से चले आ रहे कोरिया युद्ध को आधिकारिक तौर पर खत्म करने का भी फैसला लिया है।
उत्तर और दक्षिण कोरिया की स्थिति भारत पाकिस्तान जैसी ही रही है। पहले एक शासन के अधीन कई साल बिताने के बाद कोरिया उपमहाद्वीप में भी एक बंटवारे की लकीर खींची गई। कोरिया के दोनों देशों में भी संबंध बहुत खराब रहे हैं। लेकिन अब 'युद्ध नहीं' करने के उनके इस फैसले से भारत-पाकिस्तान को भी सीख लेनी चाहिए और करीब 7 दशकों से चली आ रही इस शीत युद्ध जैसी स्थिति से उबरना चाहिए।