पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार ने पूर्व सैन्य शासक परवेज़ मुशर्रफ़ के खिलाफ़ देशद्रोह के मामले में कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया है।
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में दायर जवाब में कार्यवाहक सरकार की ओर से यह कहा गया है।
सुप्रीम कोर्ट की एक तीन सदस्यीय बेंच मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ दायर याचिका की सुनवाई कर रही है।
सरकार की ओर से दाखिल जवाब में कहा गया है कि उसका मुख्य काम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाना है।
अगली सरकार करे फ़ैसला
बीबीसी के पाकिस्तान संवाददाता शाज़ेब जिलानी के अनुसार कार्यवाहक सरकार का कहना है कि मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ कार्रवाई का फ़ैसला अगली चुनी हुई सरकार पर छोड़ दिया जाना चाहिए।
वही ये तय करे कि मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ संविधान से छेड़छाड़ का मामला चलाया जाए या नहीं।
मुशर्रफ़ हाल ही में स्व-निर्वासन समाप्त कर पाकिस्तान लौटे हैं। नौ सालों तक पाकिस्तान के राष्ट्रपति रहे परवेज़ मुशर्रफ़ फिलहाल इस्लमाबाद में नजरबंद हैं। उनपर कई मामले दर्ज हैं जिन्हें मुशर्रफ़ राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं।
उन्हें उम्मीद थी कि मई में होने वाले आम चुनाव में वह भाग ले सकेंगे लेकिन पाकिस्तान के एक चुनाव ट्राइब्यूनल ने उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी।
इसके बाद कोर्ट ने भी उनकी अग्रिम ज़मानत ख़ारिज कर उनकी गिरफ़्तारी का आदेश दिया था जिसके बाद उन्हें उनके ही फ़ॉर्महाउस पर नज़रबंद कर दिया गया है।