पाकिस्तान भटककर पहुंची गीता के भारत लौटने के प्रयास को झटका लग गया है।पाकिस्तान की अदालत ने उसे भारत जबरन भेजने का आग्रह ठुकरा दिया है।
पाकिस्तान की एक अदालत ने भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता और वकील मोमिनीन मलिक की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसके तहत उन्होंने एक दशक पहले गलती से भटककर पाकिस्तान पहुंचने वाली भारतीय लड़की गीता के संरक्षण की मांग की थी। सिंध हाईकोर्ट ने गीता की जबरन स्वदेश वापसी कराने से इनकार कर दिया।
मलिक ने एक स्थानीय वकील की मदद से याचिका दायर कर गीता को वापस भारत भेजने की मांग की थी। हालांकि गीता ने अदालत को बताया कि वह भारत वापस जाना चाहती है। लड़कियों के कल्याण के लिए काम करने वाले ईदी फाउंडेशन के वकील ने अदालत से आग्रह करते हुए कहा कि भारत और पाक सरकार को इस मामले को हल करना चाहिए।
इससे पहले मोमिनीन ने गीता का डीएनए टेस्ट कराने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि गीता का उन पांच परिवारों के साथ डीएनए टेस्ट होना चाहिए, जिन्होंने गीता को अपनी बेटी बताया है।
इससे पता चल जाएगा कि गीता इन परिवारों में से किसी की बेटी है या नहीं। मोमिनीन मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं।