पाकिस्तान के सरकारी मीडिया के अनुसार बुधवार की सुबह पुलिस की कार्रवाई के दौरान प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-झंगवी के संस्थापक और पूर्व अमीर मलिक इसहाक़ सहित 14 चरमपंथी मारे गए हैं। ये कार्रवाई मुजफ्फरगढ़ में हुई। पीटीवी ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया है कि यह कार्रवाई मुल्तान पुलिस के आतंकवाद विरोधी विभाग ने थाना सदर क्षेत्र में की।
इस घटना में मलिक इसहाक के दो बेटों के मारे जाने की भी खबर है। पुलिस का कहना है कि मृतकों के शव डीएचक्यू मुख्यालय अस्पताल भेज दिए गए हैं। ये गोलीबारी किस हालात में हुई ये अभी स्पष्ट नहीं है। शनिवार को गुट के 14 लोगों को हिरासत में लिया गया था। उन पर चरमपंथी गतिविधियों की योजना बनाने और जातिगत हत्याओं का आरोप है।
पुलिस के अनुसार चरमपंथियों के साथ मुठभेड़ में 3 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। मलिक इसहाक़ पर शिया और अन्य पंथों से संबंधित व्यक्तियों की हत्या के दर्जनों मामले दर्ज थे और वह लगभग 15 साल जेल में रहे। वह शुरू में प्रतिबंधित संगठन सिपाहे-सहाबा के सदस्य थे लेकिन अपनी कथित चरमपंथी नीति के आधार पर सिपाहे-सहाबा से मतभेद के बाद एक नए संगठन लश्करे-झंगवी की स्थापना की और इसके संस्थापक और अमीर बने। इस संगठन को भी प्रतिबंधित कर दिया गया था।