पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम की शनिवार को कोर्ट में पेशी हुई। हालांकि कोई फैसला नहीं हो पाया। नवाज शरीफ के वकील ख्वाजा हरिस सोमवार को अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दायर करेंगे। उसके बाद ही ये पता चल पाएगा की नवाज और उनकी बेटी मरियम को जेल में ही रहना होगा या बेल मिल जाएगी। बता दें कि दोनों को देर रात रावलपिंडी की अदियाला जेल ले जाया गया। दोनों को वहां तक पहुंचाने के लिए पुलिस की अलग-अलग बख्तरबंद गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया। जेल के नियमों के मुताबिक उनकी जेल अस्पताल मेडिकल जांच की जा सकती है।
मरियम को बाद में उपजेल मानी जाने वाले सिहाला रेस्ट हाउस भेजा जा सकता है। नवाज और मरियम दोनों शुक्रवार को लंदन से पाकिस्तान लौटे। नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) की टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी वापसी पर लाहौर में अफरा-तफरी का माहौल है। एयरपोर्ट के पास उनके समर्थक उग्र हो गए और पत्थरबाजी की।
छावनी में तब्दील हुआ लाहौर
किसी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए सरकार ने लाहौर को जहां छावनी में बदल दिया गया है वहीं परवेज की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के वरिष्ठ नेता को 30 दिनों के लिए हाउस अरेस्ट (घर में नजरबंद) कर दिया गया है।
नवाज और उनकी बेटी आज सुबह अबु धाबी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरे थे। वहां कुछ देर के रुकने के बाद उन्होंने लाहौर के लिए फ्लाइट (ई वाई 243) ली।
इससे पहले दोनों लंदन में थे और नवाज शरीफ की पत्नी से अस्पताल में जाकर दोनों ने मुलाकात की। उधर, लाहौर एयरपोर्ट के बाहर भी पीएमएल-एन प्रमुख और नवाज शरीफ के भाई शहबाज शरीफ ने उनके स्वागत में भव्य रैली की तैयारी की है।
बता दें कि भ्रष्टाचार की कमाई से लंदन में 4 आलीशान फ्लैट खरीदने के मामले में पाकिस्तान की अकाउंटेबिलिटी कोर्ट ने उन्हें 10 साल जेल की सजा सुनाई है। इस मामले में उनकी बेटी मरियम नवाज और दामाद मोहम्मद सफदर को भी कोर्ट ने दोषी माना है और उन्हें भी क्रमश: सात साल और एक साल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा नवाज शरीफ पर करीब 73 करोड़ रुपये और मरियम नवाज पर 18 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।