पाकिस्तान के तीन बार प्रधानमंत्री बन चुके नवाज शरीफ इन दिनों अपने राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके खिलाफ पनामा लीक्स से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें पीएम पद के लिए अयोग्य करार दे दिया है।
संयुक्त जांच दल ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सौंप दी थी और उसने पाया कि प्रधानमंत्री, उनकी बेटी और उनके बेटों को भारी धन इकट्ठा करने के लिए दोषी ठहराया है। उन्होंने इतना धन कहां से कमाया,इसका सबूत वे नहीं दे सके।
इससे पहले दो बार नवाज शरीफ और उनकी सरकार को बर्खास्त किया जा चुका है। पहली बार 1993 में तत्कालीन राष्ट्रपति गुलाम इशाक खान ने मतभेद होने पर उनकी सरकार को बर्खास्त किया था, लेकिन नवाज शरीफ और उनकी पार्टी ने इसके खिलाफ संघर्ष किया और वह फिर प्रधानमंत्री बनकर लौटे।
दूसरी बार 1999 में नवाज का तत्कालीन सैन्य निदेशक जनरल परवेज मुशर्रफ के साथ मतभेद हो गया, जिन्होंने तख्तापलट करते हुए नवाज शरीफ को बर्खास्त कर जेल भेज दिया, लेकिन नवाज को पाकिस्तान की अवाम ने फिर 2013 में चुन लिया और वह दो तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में लौटे और अब फिर शरीफ का सत्ता से हटना तय माना जा रहा है।