कश्मीर को लेकर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। हर साल की तरह आज भी पाकिस्तान 'कश्मीर दिवस' मना रहा है। वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना दोनों एक साथ कश्मीर का राग अलापा है।
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नवाज शरीफ ने जहां कश्मीर को अधूरा एजेंडा करार दिया है। वहीं पाकिस्तानी सेना ने एक वीडियो गीत जारी किया। इस गीत में कश्मीर के लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए भारत से कश्मीर को छोड़ देने का आग्रह किया गया है। गीत को सोशल मीडिया पर सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने जारी किया है। ‘संगबाज’ नाम के इस गीत को फिल्माने के लिए कश्मीर के वास्तविक दृश्यों का इस्तेमाल किया गया है।
बता दें कि पाकिस्तान 5 फरवरी को हर साल 'कश्मीर दिवस' मनाता है। इस दिन पाकिस्तान में राष्ट्रीय अवकाश रहता है और रैलियां निकाली जाती है। कश्मीरी दिवस का पहल बार आयोजन 'जमात-ए-इस्लामी' संगठन ने 1990 में किया था।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा है कि कश्मीर, भारत और पाकिस्तान बंटवारे का अधूरा एजेंडा है। शरीफ ने कहा कि कश्मीर विवाद का हल यून के प्रस्ताव से ही संभव हो पाएगा। शरीफ के इस बयान से लग रहा है कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने और इसमें तीसरे पक्ष की मध्यस्थता का रास्ता खोलने की कोशिश कर रहा है।
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- फोटो : PTI
नवाज ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कई प्रस्तावों की मदद से अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने कश्मीर के लोगों को आत्म निर्णय का अधिकार दिया हुआ है, लेकिन भारत ने पिछले 7 दशकों से कश्मीरियों को इस अधिकार से वंचित रखा हुआ है।' नवाज ने जोर देते हुए कहा कि कश्मीर विवाद के हल के बिना क्षेत्र में शांति और विकास संभव नहीं है।
नवाज ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि घाटी में लगभग 12 हजार लोगों को पिछले 12 महीनों के दौरान गैरकानूनी रुप से कैद किया है। पाक पीएम ने कहा कि कश्मीर के लोगों के साथ पाकिस्तान हमेशा खड़ा रहेगा। खुद को कश्मीरी अवाम का रहनुमा बताते हुए नवाज ने कहा कि कश्मीरियों के हक की लड़ाई में पाकिस्तान उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
वहीं शनिवार को पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक ने दावा किया कि हिजबुल कमांडर बुरहान वानी को मार गिराना कश्मीर के लिए महत्वपूर्ण मोड़ है। उन्होंने घाटी में हिंसा को स्थानीय युवकों के नेतृत्व वाला आंदोलन बताया जो राज्य की जनसांख्यिकी को बदलने के लिए भारत के भटके हुए प्रयास के चलते पैदा हुआ।
अजीज ने कहा कि बुरहान की मौत के बाद घाटी में जो हिंसा भड़की, उसका नेतृत्व कश्मीर के स्थानीय युवक कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत कश्मीर में जनसंख्या अनुपात को बदलने की कोशिश कर रहा है। उनके मुताबिक, कश्मीरी युवक घाटी में आबादी के स्वाभाविक वितरण के साथ छेड़छाड़ करने की भारत की कोशिश के खिलाफ खड़े हुए।
अजीज ने ये बातें सालाना 'कश्मीर एकजुटता दिवस' के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहीं। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा बलों ने बुरहान की हत्या की और इसके बाद हुई हिंसा में कई मौतें हुईं।
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उधर, भारत और अमेरिका का दबाव पड़ने के बाद पाक में नजरबंद हुए आतंकी सरगना हाफिज सईद ने अब नई चाल चली है। भविष्य में बड़ी कार्रवाई से बचने के लिए उसने अपने संगठन ‘जमात-उद-दावा’ का नाम बदलकर ‘तहरीक आजादी जम्मू एंड कश्मीर’ (टीएजेके) रख लिया है।
मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने अपनी नजरबंदी से करीब एक हफ्ते पहले ही संकेत दिए थे कि वह ‘कश्मीर की आजादी की मुहिम तेज करने’ के लिए ‘तहरीक आजादी जम्मू-कश्मीर’ शुरू कर सकता है। इससे पता चलता है कि सईद को सरकार की योजना की भनक पहले से थी।
उसने पहले ही तय कर लिया था कि ‘जमात उद दावा’ और ‘फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन’ पर कार्रवाई के बाद दोबारा खुद को कैसे मजबूत करना है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ‘टीएजेके’ के नए नाम के तहत दोनों संगठनों ने अपनी गतिविधियां शुरू कर दी हैं। इसी के तहत रविवार को लाहौर में कश्मीर को लेकर एक बड़ी सभा आयोजित करने की योजना बनाई गई है।
पाकिस्तान के अखबार ‘डॉन’ के मुताबिक लाहौर व अन्य शहरों में हाफिज पर से नजरबंदी हटाने को लेकर प्रदर्शन जारी हैं। स्थानीय उर्दू अखबार ‘नवा-ए-वक्त’ के मुताबिक समूह की गतिविधियों पर कार्रवाई के बावजूद सईद के नेटवर्क से जुड़े लोगों ने एक बचाव अभियान में सक्रियता से हिस्सा लिया।
पंजाब के ननकाना साहिब के पास रावी नदी में करीब 100 यात्रियों से भरी एक नाव के पलटने के बाद बचाव अभियान चलाया गया। इसके अलावा टीएजेके संगठन ने लाहौर सहित पंजाब के विभिन्न जिलों के भीतर दान केंद्रों व एंबुलेंस सेवा की दोबारा शुरूआत कर दी है । लाहौर इस समूह की गतिविधियों का केंद्र है।
हाफिज सईद ने पहली बार अपने संगठन का नाम नहीं बदला है। ‘जमात-उद-दावा’ से पहले हाफिज के संगठन का नाम ‘लश्कर-ए-तैय्यबा’ था। इस संगठन पर आतंकवादी घटनाओं में शामिल होने के आरोप साबित होने के बाद अमेरिका ने इसे प्रतिबंधित संगठनों की सूची में डाल दिया।
जब पाक सरकार पर ‘लश्कर-ए-तैय्यबा’ पर कार्रवाई के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा तो हाफिज ने ‘जमात-उद-दावा’ नाम का नया संगठन खड़ा कर लिया। अब यह संगठन भी दुनिया के राडार पर आ गया और दबाव बढ़ने पर उसने इसका नाम ‘तहरीक आजादी जम्मू-कश्मीर’ कर लिया।