इस्लामाबाद द्वारा 1998 में परमाणु परीक्षण किए जाने के बाद पाकिस्तान के प्रति भारत का दृष्टिकोण बदल गया था। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सोमवार यह यह दावा किया।
उन्होंने कहा, ‘भारत ने 1998 में परमाणु परीक्षण किए और इसके बाद भारतीय नेताओं की भाषा हमारे लिए सख्त हुई। लेकिन जब पाकिस्तान ने तुरंत ही परमाणु परीक्षण किया, तो उनके (भारतीय नेताओं) रवैये में बदलाव आ गया। परमाणु परीक्षण के आठ माह बाद भी तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वायपेयी ने लाहौर तक बस से यात्रा की थी।’
पाकिस्तान के परमाणु परीक्षणों की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शरीफ ने यह बयान दिया। शरीफ यह भी बोले, परमाणु परीक्षण करने के मेरे फैसले के कारण ही कोई भी पाकिस्तान को चुनौती नहीं दे सकता।
उन्होंने आगे कहा कि तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने हमें परमाणु परीक्षण नहीं करने की एवज में पांच अरब डॉलर देने की बात कही थी। लेकिन मैंने देश की सुरक्षा के लिए जरूरी इस कदम के लिए इससे इनकार कर दिया।