पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अखबारों में इस हफ्ते सबसे ज्यादा जो खबर चर्चा में रही वो थी सीनेट चेयरमैन का चुनाव। इसके अलावा भारत प्रशासित कश्मीर और भारत से जुड़ी खबरें
अखबार एक्सप्रेस लिखता है कि सीनेट के चेयरमैन के लिए जोड़-तोड़ जारी है। अखबार के मुताबिक पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान ने कहा है कि इस पद के लिए उनकी पार्टी ना तो मुस्लिम लीग (एन) का समर्थन करेगी और ना ही पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी का। अखबार के अनुसार इमरान खान ने मांग की है कि चेयरमैन बलूचिस्तान और वाइस चेयरमैन फाटा से होना चाहिए।वहीं, अखबार जंग लिखता है कि सीनेट चेयरमैन के पद के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सीनेट के चेयरमैन रजा रब्बानी को सर्वसम्मित से दोबारा चेयरमैन बनाए जाने की सिफारिश की लेकिन पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने उनकी इस सलाह को ठुकरा दिया।सोमवार को सीनेट के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का चुनाव होना है। शुक्रवार को 52 सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो गया। सोमवार को 52 नए सीनेटर शपथ लेंगे।
नवाज शरीफ ने कहा है कि पाकिस्तान में पिछले 70 सालों से जुल्म हो रहा है और वो उसको रोकना चाहते हैं और उसके खिलाफ बगावत करना चाहते हैं। अखबार नवा-ए-वक्त के अनुसार पंजाब प्रांत के बहावलपुर शहर में एक रैली को संबोधित करते हुए नवाज शरीफ ने कहा कि पिछले 70 सालों में पाकिस्तान की नस्लों के साथ बहुत जुल्म हुए हैं। उनका कहना था, "पाकिस्तान उस वक्त तक तरक्की नहीं कर सकता जब तक हम 70 साल के इतिहास को नहीं बदलेंगे। पाकिस्तान में 70 सालों से जो हो रहा है मैं उसके खिलाफ बगावत करता हूं। हमारे अगले 70 साल पिछले 70 सालों से बेहतर होने चाहिए। ये तभी मुमकिन है जब हमें अपने वोट पर किसी को भी डाका नहीं डालने देंगे।''