पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बुधवार को कश्मीर हिंसा पर एक विवादित बयान दे डाला है। नवाज बोले कि कश्मीर मसले पर भारत के पास दो विकल्प हैं। इसमें पहला विकल्प है कि वह हिंसा को जारी रखे। वहीं दूसरी विकल्प यह है कि हिमालय की विवादित घाटी के लोगों को उनके अधिकार दे दे, जैसा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र में दावा किया था।
पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून में छपी खबर के मुताबिक 19 मई को पाकिस्तान में काला दिवस के मौके पर नवाज शरीफ ने एक संदेश दिया था। इस संदेश में शरीफ ने कहा था कि पाकिस्तान हर वक्त कश्मीर के साथ खड़ा है। वे बोले कि रिश्ता सिर्फ धर्म, सभ्यता या मानवता ही नहीं, बल्कि खून पर भी टिका हुआ है। आपको बता दें कि कश्मीर में हुई हिंसा में 11 दिनों में 45 से भी अधिक लोगों ही मौत हुई थी।
क्या कहा संदेश में?
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अपने संदेश में नवाज ने आगे कहा, "हम कश्मीर के लोगों को कभी अकेला नहीं छोड़ेंगे। कश्मीर के लोगों से जुड़े हर मामले को न सिर्फ राजनैतिक, बल्कि कूटनीतिक और मानवाधिकार मंचों तक ले जाया जाएगा। पाकिस्तान खुद को अलग कैसे रख सकता है, जबकि भारत अधिकृत कश्मीर में लोगों के साथ ऐसा मानवीय व्यवहार किया जा रहा है।"
कश्मीर में हुई हिंसा पर नवाज शरीफ बोले कि कश्मीर में आजादी की जो लहर उठी है, वह अब कभी कम नहीं होगी। वे बोले कि जब कोई देश इस तरह का जज्बा मन में लेकर आगे बढ़ता है तो आजादी के रास्ते पर उसे कोई भी रोक नहीं सकता है। भारत को नीचा दिखाते हुए शरीफ बोले कि भारत के पास ऐसे वीर संघर्ष के सामने हार मान लेने के अलावा और कोई भी रास्ता नहीं है।
भारत को जनमत संग्रह कराना चाहिए
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बुधवार को कहा कि कश्मीर भारत का अदरूनी मसला नहीं है। उन्होंने कहा कि घाटी के लोगों के साथ एकजुटता दिखाते हुए पाकिस्तान ने ‘काला दिवस’ मनाया। उन्होंने भारत से कहा कि वह कश्मीरियों के अधिकारों का आदर करते हुए जनमत संग्रह कराए।
अपने संदेश में शरीफ ने कहा, ‘आज हम काला दिवस मना रहे हैं। इसके माध्यम से हम दुनिया को संदेश देना चाहते हैं कि पाकिस्तानी अधिकारों के संघर्ष में कश्मीरियों के साथ है। भारत बल प्रयोग से कश्मीरियों की आवाज को नहीं दबा सकता क्योंकि उन्हें कभी न कभी स्वतंत्रता मिलेगी ही। सुयंक्त राष्ट्र ने कश्मीर को विवादास्पद क्षेत्र घोषित किया हुआ है और कश्मीरियों के अधिकारों के लिए भारत को वहां जनमत संग्रह कराना चाहिए। भारत द्वारा कश्मीर को अंदरूनी मसला बताना तर्कसंगत नहीं है।’
पाक ने संयुक्त राष्ट्र में उठाया कश्मीर मुद्दा
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पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों के समक्ष एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा है। यही नहीं पाक ने संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बान की मून एवं सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को पत्र भी सौंपे हैं। पत्रों में हिज्बुल के आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद घाटी में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों पर ‘चिंता’ जताई गई है।
संयुक्त राष्ट्र में पाक राजदूत मलीहा लोधी ने जुलाई के लिए सुरक्षा परिषद अध्यक्ष एवं जापानी राजदूत कोरो बेशो और बान के चीफ ऑफ स्टाफ एवं राजनीतिक मामलों के अवर महासचिव जेफरी फेल्टमैन के समक्ष कश्मीर की स्थितियों के बारे में बताया है।
पाकिस्तान ने कहा कि राज्य में मूलभूत मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के मिशन द्वारा मंगलवार को यहां जारी बयान में कहा गया कि मलीहा लोधी ने सरताज अजीज के लिखे पत्र भी संयुक्त राष्ट्र महासचिव एवं सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को सौंपे। बयान के मुताबिक पत्रों में कश्मीर के हालात पर पाक ने चिंता व्यक्त की है।