पाकिस्तान प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए यह ज़रूरी है कि वे कश्मीर सीमा पर युद्धविराम कायम करें।
उनका बयान ऐसे समय आया है जब भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर के पुंछ में पांच भारतीय सैनिकों की मौत के बाद भारत-पाक के रिश्तों पर फिर सवाल उठने लगे हैं।
भारतीय रक्षा मंत्री ने संसद में कहा कि भारतीय सैनिकों पर हमले में पाकिस्तानी सेना के विशेष दस्ते शामिल थे। हालाँकि पाकिस्तान सरकार अपनी सेना की भूमिका से इनकार करती है।
इसके बाद न्यूयॉर्क में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और नवाज़ शरीफ़ के बीच होने वाली बैठक पर भी सवाल उठे हैं।
लेकिन प्रधानमंत्री शरीफ़ ने उम्मीद जताई है कि न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उनकी मुलाकात होगी।
सऊदी अरब से लौटने के बाद नवाज़ शरीफ़ ने स्थिति का जायज़ा लेने के लिए विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की।
बातचीत को तैयार
अपने बयान में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा है, “मुलाकात के दौरान हम विश्वास बढ़ाने और अपने आपसी संबंधों को मज़बूत करने के उपायों पर बात करेंगे।”
उन्होंने कहा कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए उपलब्ध सैन्य माध्यमों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।
भारत में इस मामले पर बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों तरफ़ के नेताओं को 'रचनात्मक रूप से निष्ठा और विश्वास बनाने के लिए' काम करना होगा।
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार पाकिस्तानी सेना ने आरोप लगाया है कि गुरुवार भारतीय सेना की नियंत्रण रेखा पर भारी गोलीबारी से एक नागरिक घायल हो गया है।
पाकिस्तानी सेना के अनुसार भारतीय सेना ने सुबह 8.30 बजे तत्ता पानी सेक्टर में गोलीबारी की। इसमें एक नागरिक बुरी तरह घायल हो गया, जिसे सैन्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
पाकिस्तानी सेना ने सोमवार के वाकये में किसी भी हाथ से इनकार किया है।
समाचार एजेंसी एसोसिएट प्रेस ऑफ़ पाकिस्तान के अनुसार प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि राजनीतिक और सैन्य दोनों स्तर पर मौजूदा व्यस्था को और मजबूत करने के लिए वह भारत के साथ करने को तैयार हैं।