पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनके दोनों बेटे मनी लॉन्ड्रिंग और पनामा पेपर मामले में पूछताछ के लिए शुक्रवार को शीर्ष भ्रष्टाचार निरोधक संस्था के समक्ष पेश नहीं हुए।
भ्रष्टाचार निरोधक संस्था एनएबी की दस सदस्यीय टीम शरीफ का बयान दर्ज करने के लिए शुक्रवार को रावलपिंडी से लाहौर पहुंची थी, लेकिन कार्यालय बंद होने तक शरीफ और उनके बेटे वहां नहीं पहुंचे।
एनएबी के एक अधिकारी ने बताया कि शरीफ और उनके बेटों को जांच के लिए आज लाहौर स्थित कार्यालय में आना था, लेकिन हमें शरीफ के कार्यालय द्वारा सूचित किया गया कि वे नहीं आ रहे हैं। इसके पीछे कोई कारण नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि एनएबी दोबारा समन जारी करेगी।
गौरतलब है कि 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने शरीफ को संयुक्त अरब अमीरात में उनके बेटे की कंपनी में वर्क परमिट रखने के लिए अयोग्य करार दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने एनएबी को दिया था जांच का आदेश
सर्वोच्च अदालत ने शरीफ, उनके दो बेटे हुसैन और हसन, बेटी मरयम, दामाद सफदर और रिश्तेदार इशाक डार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के अन्य मामले में राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) को जांच का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एनएबी ने शरीफ और उनके बेटों को लाहौर कार्यालय में पूछताछ के लिए समन जारी किए थे।