सिख तीर्थयात्रियों का जत्था (फाइल फोटो)
गुरु नानक जयंती पर होने वाले विशेष कार्यक्रम में भाग लेने के लिए भारत से 3 हजार से अधिक सिखों का एक दल बुधवार को पाकिस्तान पहुंच गया। लाहौर पहुंचने के बाद सिख तीर्थयात्रियों को यह जत्था ननकाना साहब स्थित गुरुद्वारा जन्मस्थान के लिए रवाना हुआ। ननकाना साहब गुरु नानक की जन्मस्थली है। उनकी जयंती के उपलक्ष्य में शुक्रवार को ननकाना साहब में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन होना है।
अल्पसंख्यक सीनेटर अनवर लाल, इवैक्यू ट्रस्टी प्रापर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) के चेयरमैन ताहिर एहसान, बोर्ड के सचिव तारिक वजीर और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष तारा सिंह समेत पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारतीय तीर्थयात्रियों का वाघा रेलवे स्टेशन पर स्वागत किया। ईटीपीबी के प्रवक्ता आमिर हाशमी ने बताया कि पाकिस्तान सरकार ने इस साल 3800 भारतीय सिखों को वीजा जारी किया था। बुधवार को 3080 सिख दो विशेष ट्र्रेनों से यहां पहुंचे। 700 और यात्रियों के जल्द पहुंचने की उम्मीद है। सिख यात्री समूह के नेता अमरजीत सिंह ने पाकिस्तान सरकार से अगले साल गुरु नानक की 550वीं जयंती पर कम से कम 10 हजार वीजा जारी करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए गुरुद्वारा करतारपुर खोलने के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए पाकिस्तान सरकार को धन्यवाद दिया।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
ईटीपीबी के चेयरमैन ताहिर ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने भारतीय तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। रेंजर्स और एलीट फोर्स के अलावा पुलिस के जवान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा में तैनात किए गए हैं। गुरुद्वारों में यात्रियों के रुकने की अच्छी व्यवस्था है। इन दस दिनों भारतीय सिख पंजाब प्रांत के कुछ दूसरे गुरुद्वारों का भ्रमण कर सकेंगे। यात्रियों का जत्था 30 नवंबर को भारत रवाना होगा।