नोबेल शांति पुरस्कार की सबसे कम उम्र की विजेता मलाला यूसुफजई अपनी पाकिस्तान यात्रा पूरी कर सोमवार को लंदन लौट गईं। लड़कियों की शिक्षा की वकालत करने वाली मलाला को साल 2012 में स्वात जिले में तालिबान के आतंकवादियों ने सिर में गोली मार दी थी। इस घटना के करीब छह साल बाद वह पाकिस्तान आईं थीं।
स्थानीय मीडिया फुटेज में 20 वर्षीय मलाला मुस्कुराती हुई अपने परिवार के साथ इस्लामाबाद हवाईअड्डे पर नजर आईं। उन्होंने लंदन के लिए उड़ान भरी। मलाला का यह चार दिवसीय दौरा बेहद गुप्त रखा गया था और उनके इस्लामाबाद पहुंचने तक कुछ ही लोगों को इसकी जानकारी थी। अपने इस दौरे पर उन्होंने प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी से प्रधानमंत्री कार्यालय में मुलाकात की।
वहां पर मलाला के सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया था। आंखों में आंसू भरे हुए मलाला ने कहा कि मैं पिछले पांच सालों से पाकिस्तान लौटने का सपना देख रही थी। इसके साथ ही उन्होंने स्वात जिले के मिंगोरा इलाके में स्थित अपने गृहनगर की भी एक भावुक यात्रा की। मलाला वहीं पर रहती थीं, स्कूल जाती थीं और वहीं पर उन पर हमला भी हुआ था।
मलाला ने कहा कि अपने परिवार का घर देखकर, दोस्तों से मिलकर और इस मिट्टी पर दोबारा कदम रखकर मुझे बहुत खुशी हुई। स्वात को उन्होंने अपने लिए धरती की सबसे खूबसूरत जगह बताई। ऑक्सफोर्ड में पढ़ाई कर रही मलाला ने कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद उनकी वापस पाकिस्तान लौटने की इच्छा है।