पाक विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने आखिरकार मंगलवार को यह मान लिया कि अफगानिस्तान मसले पर पाकिस्तान और अमेरिका के बीच ‘विश्वास की कमी’ है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश आपसी मतभेद दूर करने को लेकर बातचीत कर रहे हैं।
एक साक्षात्कार में पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों में इस मसले को लेकर ‘विश्वास की कमी’ है। हालांकि इसे दूर करने के लिए दोनों देश इच्छुक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक दशक से अधिक समय तक की लंबी कोशिशों के बावजूद अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय बल अफगानिस्तान में संघर्ष खत्म कराने में नाकाम रहे हैं।
गौरतलब है कि पाक विदेश मंत्री का यह बयान रेक्स टिलरसन के उस जिक्र के बाद आया है जिसमें उन्होंने अफगानिस्तान में शांति बहाली को लेकर अमेरिका तथा अन्य देशों के साथ काम करने में पाक की भूमिका का हवाला दिया था।
अमेरिका को दिया दो-टूक जवाब
आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान अब अमेरिका की सहायता पर निर्भर नहीं है, न तो वह सैन्य सामग्री के लिए अमेरिका की ओर देख ही रहा है। पाकिस्तान को तो अमेरिकी मदद का थोड़ा हिस्सा मिल रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री को हमने साफ बता दिया है कि देश में आतंकियों के लिए कोई पनाहगाह नहीं है।