पाकिस्तान में पोलियो की दवा पिलाने वाली चार महिला कार्यकर्ताओं को कराची में गोली मार दी गई है। पुलिस के अनुसार इन महिलाओं को तब गोली मारी गई जब वे यूनिसेफ के तीन दिन के पोलियो रोको अभियान में हिस्सा ले रही थीं।
किसी भी समूह ने इस हमले की ज़िम्मेदारी तो नहीं ली है मगर तालिबान इससे पहले पोलियो अभियान के विरुद्ध धमकी दे चुका है और कराची के कई हिस्सों में वे सक्रिय भी रहे हैं। ये हमले शहर में तीन अलग-अलग जगहों पर हुए।
इस बीच एक अन्य युवती उस समय घायल हो गई जब पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के पेशावर में महिला स्वास्थ्यकर्मियों के एक दल को निशाना बनाकर गोलीबारी की गई। पाकिस्तान के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार फ़िलहाल ये अभियान रोक दिया गया है। इस अभियान के दौरान पोलियो की लगभग 52 लाख पोलियो रोकने वाली बूंदें पिलाई जानी थीं।
पाकिस्तान में इस तरह के पोलियो अभियान का विरोध होता रहा है। ये विरोध तब से और ज़ोर पकड़ चुका है जब ये बात सामने आई कि अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए ने हेपेटाइटिस के टीके का एक फ़र्ज़ी अभियान चलाया जिसके ज़रिए 2011 में ओसामा बिन लादेन को खोजने में मदद मिली थी।
चरमपंथी इससे पहले विदेशी गैर सरकारी संगठनों के लोगों को निशाना बना चुके हैं। अफगानिस्तान और नाइजीरिया के अलावा पाकिस्तान में पोलियो काफी व्यापक स्तर पर है।