एक तरफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जिन्ना की फोटो लगाने पर पूरे देश में हंगामा हो रहा है वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के कराची में एक इमारत गर्व के साथ महात्मा गांधी से अपने संबंधों का जिक्र कर रही है।
इस इमारत के बाहर लगे पत्थर पर कराची इंडियन मर्चेन्ट एसोसिएशन लिखा है, पत्थर पर इस बात का जिक्र है कि 8 जुलाई 1934 को 'नींव का पहला पत्थर'
महात्मा गांधी ने रखा था। कराची में पिछले हफ्ते यात्रा के दौरान भारतीय हाई कमिश्नर अजय बिसारिया ने कहा कि हमें दोनों देश के नेताओं का सम्मान करना चाहिए। AMU मुद्दे पर उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
आपको बता दें कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बुधवार को AMU के वाइस चांसलर ने मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था जिन्ना की तस्वीर AMU में 1938 से लगी है और यह कोई बहुत बड़ा मुद्दा नहीं है। आपको बता दें कि बीजेपी के सांसद सतीश गौतम ने AMU के वाइस चांसलर मंसूर को पत्र लिखकर जिन्ना की तस्वीर विश्वविद्यालय में लगाये जाने पर आपत्ति जताई थी।