पाकिस्तान में नाबालिग सहायिका के उत्पीड़न में जिला एवं सत्र न्यायालय के एक एडिशनल जज और उनकी पत्नी को एक साल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा उन दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस्लामाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस आमेर फारूक ने मंगलवार को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशन जज राजा खुर्रम अली खान और उनकी पत्नी महीन को उनके घर पर काम करने वाली 10 वर्षीय सहायिका का उत्पीड़न करने के जुर्म में यह सजा सुनाई है।
पीड़ित को पुलिस ने दिसंबर, 2016 में जज के घर से छुड़ाया था। जज के पड़ोसियों द्वारा पीड़ित की तस्वीर सोशल मीडिया पर डाले जाने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की थी। जज राजा खुर्रम अली खान और उनकी पत्नी को नाबालिग सहायिका के साथ मारपीट करने, उसे जबरदस्ती बंधक बनाने और उसकी उपेक्षा करने के आरोपों में सजा सुनाई गई है।
पीड़ित नाबालिग का मामला सामने आने के बाद ही इस जज को निलंबित कर दिया गया था। शुरुआत में जज ने पीड़ित के माता-पिता के साथ समझौता करने की कोशिश की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस साकिब निसार ने इस घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट को सुनवाई करने का आदेश दिया था।