अभी तक यह महज कयास था लेकिन अब फोटो आने के बाद पक्का हो गया है कि भारत में अशांति फैलाने के लिए आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद और जमात उद दावा मिलकर सिख आतंकी संगठन को मदद कर रही हैं। पिछले दिनों लाहौर से एक फोटो सामने आई है जिसमें लश्कर ए तैयबा के मुखिया हाफिज सईद और सिख आतंकी नेता गोपाल सिंह चावला एक दूसरे से बहुत आत्मीयता से बात करते हुए दिखाई दिए हैं।
वैशाखी के दिन 14 अप्रैल को गोपाल सिंह चावला ने पाकिस्तानी अधिकारियों के आदेश के बाद भारतीय अधिकारियों को गुरुद्वारा पंजा साहेब में अंदर जाने से रोक दिया था।
यही नहीं इससे पहले 12 अप्रैल को भी भारतीय अधिकारियों को सिख तीर्थयात्रियों से मिलने से रोक बाघा पर रोक दिया गया था। बता दें कि एंबेसी के अधिकारी तीर्थयात्रियों से मिलने गए थे कि कहीं किसी यात्री को किसी तरह की इमरजेंसी तो नहीं। यह एक आधिकारिक मीटिंग होती है। बता दें कि 1800 तीर्थयात्रियों का एक दल बैशाखी के अवसर पर पाकिस्तान पहुंचा था। इस दिन खालसा की 320 वीं वर्षगांठ मनाई जा रही थी। भारत से हर वर्ष एक जत्था दोनों देशों द्विपक्षीय समझौतों के तहत जाता है।
पाकिस्तान में भारत विरोधी प्रचार चलाने के लिए सिख आतंकवादियों ने गुरुद्वारा पंजा साहिब के परिक्रमा में जनमत संग्रह 2020 का पोस्टर भी लगाया था। पूरे मामले को संजीदगी से लेते हुए विदेश मंत्रालय ने इसका कड़ा विरोध दर्ज किया है और इसे वियना समझौता का उल्लंघन और पूरे मामले को कूटनीतिक राजनयिक असंतोष बताया है। भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा जारी स्टेटमेंट में इसे 1992 के द्विपक्षीय प्रोटोकॉल का भी उल्लघंन बताया है।