पाकिस्तान में चुनाव के दौरान स्याही लगी हुई उंगली दिखाने पर मुफ्त खाना भी मिल रहा था। मतदाताओं को मतदान करने के लिए देशभर में कई रेस्टोरेंट मुफ्त खाने का ऑफर दे रहे थे, ताकि मतदाता घरों से बाहर निकलकर भारी संख्या में मतदान करें। स्थानीय मीडिया के अनुसार, 20 से अधिक मशहूर रेस्टोरेंट ऐसे ऑफर दे रहे थे। वोट देने के बाद स्याही दिखाने वाले मुफ्त में खाना खाकर जा रहे थे।
खैबर पख्तूनख्वा के तीन पूर्व मुख्यमंत्री भी आजमा रहे किस्मत
खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा की कुछ सीटों पर कई पूर्व मुख्यमंत्री, स्पीकर और मंत्री के भी भविष्य का फैसला होना है। इन कद्दावर नेताओं के कारण चुनाव काफी दिलचस्प हो चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री परवेज खट्टक दो विधानसभा सीटों के साथ राष्ट्रीय विधानसभा के लिए भी चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हैदर खान होटी राष्ट्रीय विधानसभा के साथ विधानसभा सीट के भी उम्मीदवार हैं। एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री अकरम खान दुर्रानी भी विधानसभा के साथ पीटीआई अध्यक्ष इमरान खान के लिए राष्ट्रीय विधानसभा के लिए भी चुनाव लड़ रहे हैं। इसके साथ ही प्रांतीय विधानसभा के तीन स्पीकर इस चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
कुछ इलाकों में 70 साल में पहली बार महिलाओं ने डाला वोट
पाकिस्तान में आम चुनाव के लिए बुधवार को हो रहे मतदान के दौरान हालांकि कई स्थानों पर महिलाओं को वोट डालने से रोक दी गया तो वहीं कुछ जगह महिलाओं ने वोट डालकर इतिहास भी बनाया। पंजाब प्रांत के खुहाब इलाके के घाक कलां गांव में महिलाओं ने देश के अस्तित्व में आने के बाद से पहली बार वोट डालकर इतिहास बनाया। वे सुबह मतदान शुरू होने के समय मतदान केंद्रों पर पहुंच गईं और वोट डाले। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के ऊपरी दीर इलाके में भी महिलाओं ने पहली बार वोट डालकर इतिहास बनाया। हालांकि प्रांत के कई अन्य इलाकों से महिलाओं को मतदान करने से रोक दिया गया।
स्टार्टअप ने बधिर लोगों तक पहुंचाया चुनाव का आंखों-देखा हाल
शाम को 6 बजे चुनाव के नतीजों का हाल जानने के लिए जहां सभी अपने टीवी स्क्रीन से चिपक गए थे। वहां पर उन्हें विश्लेषण, बहस के सात तीखी नोक-झोक भी देखने को मिल रही थी। इस बीच स्थानीय स्टार्टअप ‘कनेक्टहियर’ और एनजीओ ‘नाउपीडीपी’ ने इस राष्ट्रीय बहस से बधिरों को भी जोड़ने का काम किया। दोनों ने एक साथ मिलकर अपने फेसबुक पेज पर सांकेतिक भाषा में चुनावी बहस का आंखों-देखा हाल प्रसारित किया। ‘कनेक्टहियर’ जहां मूक-बधिर और आम लोगों के बीच दूरी कम करने के लिए काम करता है, वहीं ‘नाउपीडीपी’ पाकिस्तान में दिव्यांग लोगों के लिए काम करता है।