पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा कि भारत-पाक विदेश सचिव स्तर की वार्ताओं के बहाल होने का पाकिस्तान बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
उन्होंने अपील की कि भारत को द्विपक्षीय संबंधों को लेकर नॉन-स्टेट एक्टर्स को वीटो नहीं देना चाहिए। अजीज ने कहा कि पठानकोट आतंकी हमले की वजह से दोनों देशों के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता बाधित हो गईं, जो कई जटिल मुद्दों को सुलझाने के लिए जमीन तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण थीं। उन्होंने कहा, ‘हमारी नीति भारत के साथ शांतिपूर्ण पड़ोस की है। हम वार्ता के दोबारा से शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
पठानकोट आतंकी हमले के चलते दोनों विदेश सचिवों के बीच बैठकें बाधित हो गईं। मुझे यकीन है कि हम एक बार फिर वार्ता शुरू करके कुछ मुद्दों को हल कर पाएंगे। हमारा मुख्य उद्देश्य एलओसी पर शांति स्थापित करना और तनाव को कम करना है।’ उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच बेहद जटिल मुद्दों को सुलझाने की जमीन तैयार होगी।
एक सवाल के जवाब में अजीज ने कहा कि पठानकोट आतंकी हमले की जांच करने और सबूतों को जुटाने के लिए पाक की संयुक्त जांच टीम भारत का दौरा करेगी, लेकिन जांच भारत के सहयोग पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ उनकी सरकार की नीति बिल्कुल साफ है। हालांकि उन्होंने इस बात को भी स्वीकार किया कि इसको लागू करना इतना आसान नहीं है।