पाकिस्तान ने विवादित गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र पर प्रशासनिक प्राधिकरण का इस्तेमाल करने के अपने नवीनतम कदम पर भारत के विरोध को खारिज कर दिया है। यही नहीं अपने नापाक बयान में उसने जम्मू-कश्मीर पर भारत के दावे को भी ‘फर्जी’ बताया है। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, ‘जम्मू-कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है। हम गिलगित-बाल्टिस्तान आदेश-2018 पर भारत के विरोध और जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताने वाले उसके दावे को खारिज करते हैं। इतिहास से लेकर कानून एवं जमीनी हकीकत तक सभी भारत के फर्जी दावे को झुठलाते हैं।’
अब्बासी ने विपक्ष के विरोध को भी नकारा
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी ने गिलगिट बाल्टिस्तान पर प्रशासनिक नियंत्रण से संबंधित नए आदेश के खिलाफ विपक्ष के विरोध को खारिज कर दिया है। अब्बासी ने रविवार को गिलगित बाल्टिस्तान (जीबी) विधानसभा और जीबी परिषद को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए कहा था कि गिलगित बाल्टिस्तान पर आज से मैं प्रधानमंत्री के रूप में और बारजीस ताहिर, कश्मीर और जीबी के संघीय मंत्री के रूप में क्षेत्र के मामलों में शक्तिहीन बन गए हैं। सभी शक्तियां गिलगिट - बाल्टिस्तान के लोगों में स्थानांतरित कर दी गई हैं।
विपक्ष ने आदेश को खारिज किया, सत्तारूढ़ और विपक्षी दल के सदस्यों में मारपीट
अब्बासी ने जब अपना भाषण शुरू किया था तभी गिलगित बाल्टिस्तान विधानसभा में विपक्ष के नेता मोहम्मद शफी खान खड़े हो गए। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि क्षेत्र की जनता ने इस आदेश को खारिज कर दिया है। खान ने ऐलान किया कि विपक्षी दलों ने फैसला किया है कि बिना संवैधानिक शक्तियों के किसी आदेश को नहीं माना जाएगा। यही नहीं विरोध प्रदर्शन के दौरान सत्तारूढ़ और विपक्षी दल के सदस्यों के बीच हाथापाई भी हुई। बाद में विपक्षी दलों ने सदन का बहिष्कार कर दिया।