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बेनजीर हत्या मामले में संघीय जांच एजेंसी ने एटीसी के फैसले को दी चुनौती

Sat, 30 Sep 2017 04:48 AM IST
एजेंसी, इस्लामाबाद
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- फोटो : File Photo
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पाकिस्तान की प्रमुख जांच एजेंसी ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में आतंकवाद निरोधक अदालत (एटीसी) के उस फैसले को चुनौती दी, जिसमें दो पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराए गया था जबकि पांच अन्य आरोपियों को बरी किया गया था।
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पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने लाहौर हाईकोर्ट में एटीसी के फैसले को चुनौती देते हुए दलील दी है कि दोषी ठहराए गए दो पुलिसकर्मियों के साथ ही बरी किए गए पांच अन्य आरोपी भी मौत की सजा के हकदार हैं।

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कोर्ट के अधिकारियों के मुताबिक, रावलपिंडी बेंच के समक्ष एफआईए ने दो याचिकाएं डाली हैं। इनमें अपील की गई है कि हाईकोर्ट एटीसी के उस फैसले को पलटे जिसमें पांच संदिग्धों को बरी किया गया था क्योंकि इन्होंने इस हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की थी। कोर्ट से गुजारिश की गई है कि इन संदिग्धों को मौत की सजा सुनाई जानी चाहिए।
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बता दें कि बीते 31 अगस्त को एटीसी ने बेनजीर भुट्टो हत्याकांड मामले में पाकिस्तान के पूर्व तानाशाह परवेज मुशर्रफ को भगोड़ा घोषित करते हुए दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को 17-17 साल कैद की सजा सुनाई थी। बेनजीर भुट्टो की हत्या के 10 साल बाद आए इस फैसले में अदालत ने परवेज मुशर्रफ की संपत्ति को जब्त करने के निर्देश भी दिए थे।

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हालांकि अदालत ने पाक तालिबान से संबंधित पांच संदिग्धों ऐतजाज शाह, शेर जमान, हसनैन गुल, राशिद अहमद और रफाकत हुसैन को बरी कर दिया था।

उल्लेखनीय है कि 27 दिसंबर 2007 को रावलपिंडी के लियाकतबाग में 54 वर्षीय पूर्व पाक प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की उस समय गोलियों से हत्या कर दी गई थी जब वे एक चुनावी रैली को संबोधित करने के बाद निकल रही थीं। इस हमले में 20 से अधिक लोग मारे गए थे। 
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