डॉन न्यूज के अनुसार, पीटीआई प्रमुख इमरान खान के लिए 28 सीटों की जुगत लगाना आसान नहीं है। दरअसल, इमरान की पार्टी के पूर्व सचिव जहांगीर तारीन ने 13 सीट जीतने वाले निर्दलियों और छह सीटें जीतने वाली एमक्यूएम-पी से सरकार बनाने के लिए संपर्क बढ़ा दिया है। इस बीच सोमवार को शुजात हुसैन की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कुवैद (पीएमएल-क्यू) ने भी इमरान के समर्थन का एलान कर दिया है। इसके लिए इमरान ने मुमताज भुट्टो से संपर्क साधा था। पीएमएल-क्यू के पास चार सीटें हैं लेकिन इसकी तीन सीटों का ही पीटीआई को समर्थन मिल पाएगा, क्योंकि पार्टी की दो सीटें पंजाब के पूर्व सीएम परवेज इलाही के पास हैं। इस तरह इमरान खान कुल 137 में से 122 सीटों का समर्थन जुटा सकते हैं। लेकिन इसके बावजूद वे जादुई आंकड़े से 15 सीटें दूर ही रहेंगे। इमरान के सामने सरकार बनाने की राह में यह सबसे बड़ा संकट होगा।
चुनाव आयोग से भी लगा झटका
उधर, इमरान खान को चुनाव आयोग से भी बड़ा झटका लगा है। चुनाव आयोग ने इमरान खान को एक नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे 25 जुलाई को हुए चुनाव में सार्वजनिक रूप से और कैमरे के सामने वोट करने को लेकर लिखित में जवाब मांगा गया है। चुनाव आयोग का कहना है कि यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।