पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर पलटवार किया है उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ युद्ध को देश पर थोपा गया युद्ध करार दिया है। साथ ही कहा है कि वह अपने देश के अंदर ऐसा कोई युद्ध लड़ने नहीं जा रहे हैं। इमरान का यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पाकिस्तान पर बार बार आरोप लगा रहे हैं कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान ने अमेरिका की मदद नहीं की। और पाकिस्तान को दिए जाने वाले 1.3 बिलियन डॉलर की मदद पर रोक लगा दी है।
विश्व विजेता क्रिकेट टीम के कप्तान रहे पीटीआई चीफ इमरान ने कहा कि हमने अपने देश के अंदर थोपा हुआ युद्ध अपने युद्ध की तरह लड़ा है और इसकी भारी कीमत भी चुकाई है। इस पूरे युद्ध से हमारे सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने को भी भारी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा लेकिन अब हम ऐसा कोई युद्ध पाकिस्तान के अंदर नहीं लड़ना चाहते हैं।
पाकिस्तान की चरमराई अर्थव्यवस्था से परेशान इमरान खान इनदिनों पाकिस्तान में ही दूर दराज की यात्रा पर हैं। वह उत्तरी वजीरिस्तान में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम विकास की ओर अग्रसर हैं हम आतंकियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं।
इमरान खान ने आतंकवादियों के खिलाफ सफल अभियान के लिए सेना, अन्य सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तान और उसके सशस्त्र बलों ने जितना कुछ किया है, उतना किसी देश या उसके सशस्त्र बल ने नहीं किया है।
इमरान हाल ही में विलय कर बनाए गए नए जिलों की वजीरिस्तान की पहली यात्रा के दौरान कबायली सरदारों को संबोधित कर रहे थे। यह क्षेत्र एक समय तालिबान आतंकवादियों का गढ़ होता था। उनके साथ सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा भी थे।