द नेशन में प्रकाशित अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की खबर
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द नेशन
एक अन्य प्रतिष्ठित अंग्रेजी अखबार द नेशन में प्रकाशित अटल जी की खबर का शीर्षक दिया, 'जब वाजपेयी ने मिनार-ए-शरीफ नहीं जाने की सलाह की नकार दी।'
अखबार ने लिखा, "जबकि ज्यादातर भारतीय नेता पाकिस्तान का विरोध करते हैं और सार्वजनिक रूप से कहते हैं कि वे इसे ध्वस्त कर देना चाहते हैं, अटल बिहारी वाजपेयी वे थे जिन्होंने इस इस्लामी देश के साथ संबंधों को सुधारने की कोशिश की थी।"
डेली टाइम्स
डेली टाइम्स ने लिखा, "तीन बार भारत के प्रधान मंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार को निधन हो गया, राजनीति के हर वर्ग ने श्रद्धांजलि अर्पित की, नरेंद्र मोदी ने सम्मानित राजनेता की "अपूरनीय क्षति" पर शोक जताया।
अखबार ने लिखा, "पूर्व पत्रकार और कवि से राजनेता बने वाजपेयी संसद में मौजूद कुछ विपक्षी सांसदों में से एक थे जब भारत के पहले प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू पद पर आसीन थे।"
खबर में आगे लिखा गया, "उनका पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर 1990 के दशक में ऊंचाई पर पहुंच गया, जब उन्होंने अपनी उत्कृष्ट भाषण कला से देश भर में अपनी रैलियों में हजारों लोगों को आकर्षित किया।"