क्या है वियना समझौता
यह एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जिसके तहत एक देश का नागरिक यदि दूसरे देश में बंदी होता है तो उसे अपने देश के उच्चायोग या दूतावास के अधिकारियों से मिलने का अधिकार होगा। इस समझौते का पूरा नाम ‘ऑप्शनल प्रोटोकॉल टू द् वियना कंवेंशन ऑन कॉन्स्यूलर रिलेशन्स कंसर्निंग द् कंपलसरी सेटलमेंट ऑफ डिस्प्यूट्स, 1963’ है।
- भारत ने समझौते पर नवंबर 1977 में हस्ताक्षर किए और पाकिस्तान ने मार्च 1976 में
बिना सुनवाई फांसी पर रोक संभव?
समझौते के तहत, आईसीजे के नियमों के आर्टिकल 74, पैरा 4 के तहत आईसीजे के चीफ किसी भी सदस्य देश से बिना सुनवाई हुए फांसी पर रोक लगाने का अनुरोध कर सकते हैं।
भारतीय सेना के अधिकारी सौरभ कालिया की यातना और हत्या मामले में भारत आईसीजे क्यों नहीं गया? यह मामला आईसीजे के दायरे में नहीं आता, क्योंकि भारत के 18 सितंबर, 1974 के डिक्लेरेशन के मुताबिक
- दुश्मनी, लड़ाई, आत्मरक्षा से जुड़े विवाद इसके दायरे में नहीं आते।
- उन सभी समझौतों से उपजे विवाद जिसमें सभी पक्ष समझौते का हिस्सा नहीं हैं या इस पर सरकार की सहमति न हो भी इसके दायरे में नहीं आते।
पाक के पक्ष में भी गया था फैसला
भारत ने 46 साल बाद आईसीजे में मामला दायर किया है। इससे पहले 1971 में भारत इंडियन एयरलाइंस के विमान के अपहरण के बाद अपने हवाई क्षेत्र में पाकिस्तानी विमानों के उडऩे संबंधी अधिकार के लिए आईसीजे पहुंचा था। हालांकि अदालत का फैसला पाकिस्तान के पक्ष में आया था।