लंबे समय के टालमटोल के बाद आखिरकार पाकिस्तान की संसद में हिंदू विवाह विधेयक-2016 पेश कर दिया गया। बेहद चर्चित इस विधेयक के पास होने से पाक में अल्पसंख्यक हिंदुओं के विवाह को कानूनी अमलीजामा पहनाया जा सकेगा। फिलहाल पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के विवाह को न तो कानूनी दर्जा दिया जाता है और न ही विवाह को पंजीकृत किया जाता है।
बुधवार को हिंदू विवाह विधेयक 2016 पर विधि एवं न्याय की स्थायी समिति की रिपोर्ट को नेशनल एसेंबली में प्रस्तुत किया गया। अब नेशनल एसेंबली की मंजूरी मिलते ही यह विधेयक कानून बन जाएगा। पाक की सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी इस विधेयक का समर्थन कर रही है। नेशनल एसेंबली के सदस्य (एमएनए) रमेश लाल ने बताया कि इस विधेयक को स्थायी समिति की मंजूरी मिलने में करीब 10 महीने लगे। फिर इसके छह महीने बाद समिति ने इस पर अपनी रिपोर्ट को सदन में पेश किया।
समिति ने हिंदू विवाह विधेयक-2016 को आठ फरवरी को अपनी मंजूरी दी थी। विधेयक का प्रस्ताव लाने में अहम भूमिका निभाने वाले रमेश लाल के हवाले से डॉन ऑनलाइन ने बताया कि इस विधेयक पर लंबी चर्चा और बहस हुई। अब सरकार को इसको संसद के अगले सत्र में मंजूरी के लिए लाने पर विचार करना चाहिए।