अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रह चुके हुसेन हक्कानी बलूचिस्तान को पाकिस्तान का सबसे उलझा हुआ और अशांत क्षेत्र मानते हैं जिसके बड़े हिस्से पर सरकार का नियंत्रण नहीं है।
अटलांटिक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में हक्कानी ने कहा, ‘बलूचिस्तान सबसे जटिल क्षेत्र है और दुर्भाग्यवश वहां की जनता ही अपनी समस्याओं का हल निकालने की कोशिश करती है। इसमें न तो पाकिस्तानी सेना पूरी तरह दोषी है और न ही सत्ता में बैठे लोगों का भ्रष्ट आचरण। इसके लिए राष्ट्रवादियों या तालिबान की मौजूदगी को ही पूरी तरह दोषी नहीं ठहराया जा सकता, बल्कि यह सब मिलकर इस हालात के लिए जिम्मेदार हैं।’
हक्कानी ने कहा कि बलूचिस्तान के एक बड़े हिस्से पर पाकिस्तान की केंद्र सरकार का जरूरी नियंत्रण नहीं है। पारंपरिक बलूच क्षेत्रों की राष्ट्रीयता के प्रति गहरी सहानुभूति रही है और वे या तो आजाद होना चाहते हैं या स्वायत्त बलूचिस्तान की मांग की करते हैं।