पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम को शुक्रवार रात 9.50 बजे (भारतीय समयानुसार) लंदन से लाहौर हवाईअड्डे पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान भ्रष्टाचार रोधी संस्था नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (नैब) का 16 सदस्यीय दल भी मौजूद रहा। इसके बाद उन्हें रावलपिंडी की अदियाला जेल ले जाया गया। 6 जुलाई को भ्रष्टाचार के एक मामले में शरीफ को 10 साल, जबकि मरियम को 7 साल की सजा सुनाई गई थी। सजा सुनाए जाने के दौरान दोनों लंदन में थे।
गिरफ्तारी से पहले पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के प्रमुख शरीफ ने अपने समर्थकों पर हुई कठोर कार्रवाई को लेकर चुनावों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाया। लंदन से लौटने के दौरान 68 वर्षीय नवाज और मरियम अबू धाबी में करीब ढाई घंटे रुके। 25 जुलाई को होने जा रहे आम चुनाव से ऐन पहले शरीफ और मरियम के लंदन से पाकिस्तान पहुंचकर गिरफ्तारी देने को चुनावी स्टंट माना जा रहा है। हालांकि उन्होंने इसे जनता के लिए कुर्बानी करार दिया है। उनकी पार्टी मान रही है कि इस गिरफ्तारी से चुनाव में बड़ा फायदा मिलेगा। वहीं तहरीक ए इंसाफ के इमरान खान का दावा है कि चुनाव में इससे उनकी पार्टी को लाभ मिलेगा।
पहले पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने नवाज शरीफ को तगड़ा झटका दिया। कोर्ट के एक फैसले के बाद अब पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ आजीवन किसी भी सार्वजनिक पद पर आसीन नहीं हो पाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी शख्स को संविधान की धारा 62 (1)(एफ) के तहत अयोग्य करार दिया गया है तो वह शख्स आजीवन अयोग्य रहेगा।
मियां मोहम्मद नवाज शरीफ पाकिस्तान के पहले ऐसे नेता बने थे जिन्होंने 5 जून 2013 को तीसरी बार 27वें प्रधानमंत्री का पद संभाला। 2016 में पानमा पेपर लीक में नाम आने के बाद 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री के पद के लिए उन्हें अयोग करार दिया। 28 जुलाई 2017 में नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री के पद से हटाना पड़ा, नवाज शरीफ को वर्ष 2000 में तत्कालीन सैन्य शासक मुशर्रफ ने देश निकाला (निर्वासित) कर दिया था।
2013 में बहुमत प्राप्त करने के बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) पार्टी वर्तमान में सत्ता में है, पार्टी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भी शासन करती है। नवाज शरीफ के बाद अब उनके भाई शाहबाज पार्टी के अध्यक्ष हैं। लेकिन शरीफ को आखिर किन परिस्थियों के चलते पार्टी की बागडोर छोड़नी पड़ी ये जान लीजिए। नवाज की पार्टी बनने से लेकर उन पर आफत का पहाड़ टूटने की ये पूरी कहानी पढ़िए..
इसके पहले उनकी निर्वाचित सरकार को भी बर्खास्त कर दिया गया था। इस तख्तापलट के बाद पाकिस्तान की आतंक-विरोधी अदालत ने नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के अपराध में दोषी करार दिया था। सऊदी अरब की मध्यस्तता से शरीफ को जेल से बचाकर सऊदी अरब के जेद्दा नगर में निर्वासित किया गया।
अगस्त 23, 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने शरीफ को पाकिस्तान वापस आने की इजाजत दी। सितंबर 10, 2007 को शरीफ सात सालों के निर्वासन के बाद इस्लामाबाद वापस लौटे, पर उन्हें हवाई-अड्डे से ही तुरंत जेद्दा वापस भेज दिया गया।