आतंकवादी संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद ने भारत में सर्जिकल स्ट्राइक करने की धमकी दी है। हाफिज ने कहा है कि कश्मीरी मुजाहिदीन जम्मू-कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देंगे जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
पीओके के मीरपुर में रविवार को एक रैली में हाफिज ने कहा, '(प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी ने वह किया जो उन्हें करना था। अब कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक करने की मुजाहिदीनों की बारी है। सईद जब ये धमकी दे रहा था, तो उस समय उसके समर्थक जेहाद, जेहाद के नारे लगा रहे थे। हाफिज ने कहा, मैं भारतीय मीडिया को बताना चाहता हूं कि आप जल्द देखोगे कि पाकिस्तानी जवान कैसे सर्जिकल स्टाइक को अंजाम देते हैं। अमेरिका भी आपकी मदद नहीं कर पाएगा। मोदी को अब सर्जिकल स्ट्राइक का सही मतलब पता चल जाएगा।'
लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सईद ने इससे पहले भी भारत में सर्जिकल स्ट्राइक की धमकी दी थी। हाफिज सईद पर एक करोड़ डालर का इनाम है। सईद ने पिछले सप्ताह कश्मीर में कथित अत्याचारों पर सधी प्रतिक्रिया देने के लिए नवाज शरीफ सरकार की आलोचना की थी और कहा था कि घाटी के लोगों को पाकिस्तान के "पूर्ण व्यावहारिक समर्थन'' की जरुरत है।
भारतीय सेना ने एलओसी के पार सर्जिकल स्ट्राइक की थी
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डीजीएमओ रणवीर सिंह ने 29 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलासा किया था भारतीय सेना ने एलओसी के पार सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इसमें सेना के विशेष कमांडोज ने सीमा पार मौजूद कई आतंकी ठिकाने नष्ट कर दिए थे। हालांकि, पाकिस्तान ने सर्जिकल स्ट्राइक की बात से साफ इनकार कर दिया था। बाद में भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो बनाने का दावा किया, जिसे केंद्र सरकार को सौंपा भी गया था।
कई राजनीतिक दलों ने सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत के तौर पर वीडियो जारी करने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इससे साफ इनकार कर दिया था। हालांकि, इसे लेकर राजनीतिक दलों ने मोदी सरकार पर कई प्रकार के आरोप भी लगाए।
सबसे बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब संसदीय समिति की बैठक के दौरान विदेश सचिव एस जयशंकर ने बयान दिया। इसके बाद मीडिया में खबर आई थी कि सर्जिकल स्ट्राइक पहले भी होती रही हैं, हालांकि बाद में सरकार ने ऐसी बातों को नकार दिया। खुद रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने पहली बार व्यापक स्तर पर सर्जिकल स्ट्राइक करने का दावा किया था।