जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद ने बीबीसी से हुई ख़ास बातचीत में कहा कि वो मुंबई हमले के मामले में किसी भी अंतरराष्ट्रीय अदालत का सामना करने को तैयार हैं, बशर्ते उससे पहले यह साबित किया जाए कि पाकिस्तान की अदालतें फ़ैसला देने के काबिल नहीं हैं।
उन्होंने बीबीसी उर्दू संवाददाता शुमैला जाफरी से कहा कि पाकिस्तान के हर अदालत ने उन्हें बेकसूर ठहराया है।
इंडिया पाकिस्तानी अदालतों के फ़ैसलों को स्वीकार नहीं कर रहा है क्योंकि अदालतों ने मुझे मुंबई हमलों के मामलों में बरी कर दिया है। अदालत ने माना है कि मेरी जमात का इस हमले से कोई संबंध नहीं है लेकिन अफ़सोस है कि हमारे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला इंडिया नहीं मानता।