फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय अदालत में जाने को तैयार हूं: हाफिज सईद

विज्ञापन
विज्ञापन
जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद ने बीबीसी से हुई ख़ास बातचीत में कहा कि वो मुंबई हमले के मामले में किसी भी अंतरराष्ट्रीय अदालत का सामना करने को तैयार हैं, बशर्ते उससे पहले यह साबित किया जाए कि पाकिस्तान की अदालतें फ़ैसला देने के काबिल नहीं हैं।
विज्ञापन


उन्होंने बीबीसी उर्दू संवाददाता शुमैला जाफरी से कहा कि पाकिस्तान के हर अदालत ने उन्हें बेकसूर ठहराया है।

इंडिया पाकिस्तानी अदालतों के फ़ैसलों को स्वीकार नहीं कर रहा है क्योंकि अदालतों ने मुझे मुंबई हमलों के मामलों में बरी कर दिया है। अदालत ने माना है कि मेरी जमात का इस हमले से कोई संबंध नहीं है लेकिन अफ़सोस है कि हमारे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला इंडिया नहीं मानता।
विज्ञापन

'पाकिस्तान की हुकूमतें दबाव का शिकार'

मैंने हमेशा क़ानून और इंसाफ़ का रास्ता अख़्तियार किया है। इंडिया और अमेरिका के कहने पर मुझे बार-बार गिरफ़्तार किया गया। मैं हर बार अदालतों में गया और अदालतों ने मुझे राहत दी। पाकिस्तान की हुकूमतें तो हमेशा दबाव का शिकार रही हैं। हुकूमत इंडिया से दोस्ती चाहती थी और इसके लिए अमेरिका का दबाव भी था। लेकिन पाकिस्तान में आजाद अदालत है और उसने हमेशा मेरे हक में फैसला दिया है।

मुंबई हमले पर हाफ‌िज सईद ने दी सफाई

मैं दुनिया की किसी भी अदालत में जाने को तैयार हूं लेकिन पहले यह साबित करना पड़ेगा कि पाकिस्तान की अदालतें इस काबिल नहीं हैं कि वे फैसला दे सकें।

कश्मीर आजाद होना चाहिएः हाफिज सईद

साथ ही ये दुनिया में साबित किया जाए कि पाकिस्तान में कोई न्याय व्यवस्था नहीं है। तो उसके बाद मैं किसी का सामना करना को तैयार हूं। लेकिन अगर हम आजाद मुल्क हैं, हमारी न्याय व्यवस्था स्वतंत्र है तो हमें इस प्रोपगैंडे का निशाना क्यों बनाया जाए और पाकिस्तान की न्याय व्यवस्था पर शक क्यों किया जाए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें