मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा सरगना हाफिज सईज और उसके चार अन्य सहयोगियों के हिरासत में लिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब देने के लिए लाहौर उच्च न्यायालय ने संघीय सरकार और पंजाब सरकार को आखिरी मौका दिया है। इन सरकारों को 29 मई तक अपना जवाब न्यायालय के सामने पेश करना होगा।
कथित तौर पर शांति और सुरक्षा को प्रभावित करने में संलिप्तता के आरोप में सरकार ने 30 जनवरी को सईद और उसके चार सहयोगियों को नजरबंद किया था। न्यायमूर्ति सदाकत अली की अध्यक्षता वाली लाहौर उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने सरकार द्वारा जवाब दाखिल करने में सरकार की नाकामी को लेकर नाराजगी जताई और 29 मई तक जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है।
सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि सईद और उसके साथियों को इस महीने की शुरुआत में समीक्षा बोर्ड के सामने पेश किया गया, लेकिन बोर्ड ने अब तक कोई आदेश जारी नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि बोर्ड का फैसला आने तक सुनवाई को स्थगित किया जाए। वहीं सईद के वकील ए के डोगर ने सरकारी दलील का प्रतिवाद करते हुए कहा कि बोर्ड के समक्ष चल रही कार्यवाही अदालत के समक्ष उठाए गए मामले से बिल्कुल अलग है।