फाइल फोटोः मारे गए लोगों पर ईशनिंदा का आरोप था।
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पाकिस्तान में सिंध प्रांत के घोटकी जिले में बुधवार को अज्ञात बंदूकधारी ने एक हिंदू को गोली मार दी, जबकि दूसरा इस हमले में घायल हो गया। मारे गए हिंदू पर कथित रूप से आरोप था कि उसने एक दिन पहले पवित्र कुरान की प्रतियां जलाई थी। इसके बाद घोटकी में सांप्रदायिक तनाव का माहौल बन गया।
पुलिस के मुताबिक घोटकी शहर के मीरपुर माथेलो में बुधवार को एक चाय की दुकान पर भीड़ ने दो हिंदू व्यापारियों पर हमला कर दिया। इनमें 17 वर्षीय दीवान सतीश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अविनाश को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मसूद अहमद बंगश ने कहा, 'एक दिन पहले पुलिस ने अमर लाल को ईशनिंदा के आरोप में गिरफ्तार किया था, जब वह घोटकी में मस्जिद के बाहर कुरान की प्रतियां जलाते हुए स्थानीय लोगों के हाथ पड़ गया।' स्थानीय हिंदुओं का कहना है कि अमर लाल मानसिक रूप से विक्षिप्त था, जबकि कुछ का कहना है कि लाल नशे की लत का शिकार था। उनका दावा है कि इस्लाम अपनाने के बाद अमरलाल मस्जिद में ही रहता था।
धार्मिक संस्थाओं जमीयत ए उलेमा फजलूर रहमान और अहले सुन्नत वल जमात ने विरोध जताते हुए बंद का आह्वान किया है और आरोपियों को दंड देने की मांग की है। घोटकी के साथ दहारकी, मीरपुर माथेलो, ऊबाउरो और खान पुर मेहर जिले में लगातार दूसरे दिन बंद रहा। इसकी वजह से सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने हिंदुओं की दुकान बंद करा दी। उनका पुलिस के साथ भी संघर्ष हुआ। बंगश ने कहा कि दंगा भड़काने के आरोप में 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। भयाक्रांत हिंदू समुदाय ने खुद को घरों में कैद कर लिया और शांति की अपील की है।