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पाकिस्तान में डांस करने की वजह से 5 लड़कियों की गई हत्या

Sun, 18 Dec 2016 07:36 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला,नई दिल्ली
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- फोटो : demo pic
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पाकिस्तान में एक जनजाति समुदाय ने लड़कियों के डांस करने की वजह से अपनी कथित इजज्त के नाम पर 5 लड़कियों को जान से मार दिया था। छह साल पहले की इस दर्दनाक घटना को आज भी लोग याद करते हैं तो सहम जाते हैं। दरअसल बात सिर्फ यह थी कि एक शादी का वीडियो क्लिप वायरल हुआ था जिसमें कुछ जवान लड़कियां सिर पर स्कार्फ बांधे हंस रही हैं और संगीत पर तालियां बजा रही हैं। उसी वीडियो में एक जवान लड़का भी अकेले डांस करते हुए नजर आता है। हालांकि इस ल़ड़के की भी हत्या कर दी गई।
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छस साल पहले की यह वीडियो उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के बीहड़ क्षेत्र कोहिस्तान के एक गांव की थी। इलाके में रहने वालों के लिए शादी को वो समारोह आखिरी था जब पांच लड़कियों बाजीगा, सरीन जान, बेगम जान, अमीना और शाहीन को जिंदा देखा गया था। हालांकि इलाके में रहने वाले जांच अधिकारियों के सामने यह साबित करने के प्रयास में जुटे हैं कि ये सभी लड़कियां जिंदा हैं। 

इन लड़िकयों के साथ आखिर क्या हुआ यह आज भी एक रहस्य बना हुआ है। पाकिस्तान में ऑनर किलिंग के नाम पर आए दिन हत्याएं होती रहती हैं और लोग पकड़े भी जाते हैं। लेकिन इन पांच लड़कियों के मामले में लोगों के रौंगटे खड़े हो जाते हैं। जांच अधिकारियों की शक की सूई स्थानीय बुजुर्गों और धार्मिक नेतओं पर है, उन्हें शक है कि सांस्कृतिक मान्यताओं के कारण लड़कियों की हत्या का आदेश दिया गया। जिसकी वजह से परिवार वालों ने लड़कियों की हत्या कर दी।
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'परिवार वालों ने गर्म पानी और अंगारे डालकर जान से मार दिया'

- फोटो : wshington post
इसके अलावा मामले की जांच करने वाले अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से बातचीत करने के बाद यह भी आशंका जताई कि लड़कियों के परिवार वालों ने उन पर गर्म पानी और अंगारे डालकर जान से मार दिया और उन्हें कोहिस्तान की पहाड़ियों में कहीं दफ्ना दिया।

बाद में जब जांच करने वाले लगातार इलाके में पूछताछ के लिए जाते रहे तो स्थानीय समुदाय ने कहना शुरू कर दिया कि जिन पांच लड़कियों को मारने का दावा किया जा रहा है दरअसल वे जिंदा हैं। सबूत के तौर पर लोग वीडियो में दिखने वाली लड़कियों की तरह स्थानीय लड़िकयों को जांच अधिकारियों के सामने ले आए।

इतना ही नहीं जिन लड़कियों को सबूत के तौर पर पेश किया गया उनमें से एक लड़की के अंगूठे को जला दिया गया ताकि सरकारी पहचान पत्र से उसके अंगूठ को मिलाया जाए तो पहचान स्पष्ट न हो पाए। 

एक शख्स है जो आज भी इंसाफ के लिए जी जान से जुटा है

- फोटो : demo pic
लोगों की तमाम चलाकियों के अलावा इस घटना ने ऑनर किलिंग के मामलों में पाकिस्तानी प्रशासन की असमर्थता को भी उजागर किया। हालांकि काफी परेशानियों के बावुजूद एक शख्स है जो आज भी इंसाफ के लिए जी जान से जुटा है। यह शख्स कोई और नहीं वीडियो में दिखने वाले जिस लड़के की हत्या की गई थी उसका भाई अफजल कोहिस्तानी है। 26 वर्षीय अफजल इस केस से जुड़े उन चंद लोगों में से हैं जो आज भी सच्चाई को सामने लाने के कोशिश में जुटे हैं।

अफजल ने इंसाफ की आस में स्थानीय और प्रांतीय अधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। थक हारकर उन्होंने पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की पर 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी याचिका खारिज कर दी। लेकिन इस केस ने पिछले महीने एक नया मोड़ लिया और कोर्ट ने अचानक इस मामले की जांच करके रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।
 
अफजल ने कहा,'इस घटना से मेरा पूरा परिवार तबाह हो गया। उन बेचारी लड़कियों को भी जान से मार दिया गया। मेरे भाई की हत्या की गई और इंसाफ के लिए कुछ भी नहीं किया गया।' अफजल को कई बार जान से मारने की धमकी मिल चुकी है लेकिन वे पीछे नहीं हटे। उन्होंने पिछले हफ्ते एक इंटरव्यू में कहा कि मैं जानता हूं शायद मुझे भी मार दिया जाए लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। जो हत्याएं हुई हैं वो बहुत गलत हैं। यह बदलना चाहिए और इसके लिए किसी को तो लड़ाई लड़नी ही होगी।

'पूरे जिले में और प्रांत में कोई भी ऑनर किलिंग के खिलाफ नहीं बोलता'

- फोटो : demo pic
अफजल बताते हैं कि मेरे पूरे जिले में कोई भी ऑनर किलिंग के खिलाफ नहीं बोलता। लोग मुझसे कहते हैं कि मैंने अपनी  है संसकृति, अपने धर्म और जनजाति को बदनाम किया है। वो आगे कहते हैं कि बदलाव के लिए जो मैं प्रयास कर रहता  हूं उसे स्थानीय राजनेता, धार्मिक और जनजाति के नेताओं का गठजोड़ नाकाम करने में लगा रहता है। 

अधिकारियों द्वारा की गई जांच से नाखुश अफजल को पिछली महीने सबसे बड़ी सफलता मिली। अफजल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के नए चीफ जस्टिस ने संज्ञान लिया और केस को फिर से खोलने का आदेश दिया। कोर्ट ने एक बार फिर नए सिरे से फेक्ट फाइंडिंग मिशन को यह पता लगाने के लिए गांव भेजा कि लड़कियों को जान से मार दिया गया है या वे जिंदा हैं। हालांकि इस बार जो टीम जांच के लिए भेजी गई है उसके अध्यक्ष कोहिस्तान जिले के जज थे।
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'गांव में सभी लोग इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लड़कियां जिंदा हैं'

- फोटो : demo pic
कोहिस्तान जिले के जज शोऐब खान ने जांच के बाद सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई अपनी रिपोर्ट में कहा कि गांव में सभी लोग इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लड़कियां जिंदा हैं। जिन लड़कियों को सबूत के तौर पर उनके सामने पेश क्या गया उनकी आधिकारिक जन्म तिथि के मुताबिक ये उनके मुकाबले काफी कम उम्र की हैं जिन्हें मारने का दावा किया गया है।

तीसरी लड़की की पहचना इसलिए नहीं हो पाई क्योंकि उसका अंगूठा बुरी तरह जला हुआ था। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट के निष्कर्ष में कहा कि दो लड़कियां वीडियों में दिखने वाली लड़कियों से मेल नहीं खातीं और जो अन्य दावे कर रही हैं वे भी वीडियों में दिखने वाली लड़कियां नहीं हैं।

जज शोऐब ने इस केस की विस्तृत जांच कराने की सलाह देते हुए कहा कि इस मामले में हर बात इस ओर इशारा कर रही है कि कुछ तो गलत हुआ है। इंसाफ के लिए जद्दोजहद कर रहे अफजल सुप्रीम कोर्ट के आज भी चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि शायद वो दिन जरूर आएगा जब उनके भाई समेत उन पांच लड़कियों को इंसाफ मिलेगा।
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