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पाकिस्तान के एफआईआर में मसूद का नाम नहीं

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पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमला मामले में पाकिस्तान की सरकार ने एक एफआईआर दर्ज करवाई है। हालांकि, इसमें आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का नाम नहीं है। भारतीय जांच एजेंसियों ने अजहर को ही पठानकोट मामले का मास्टर माइंड करार दिया है।
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घटना के बारे में कई सप्ताह की जांच के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ यह रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। पंजाब प्रांत के गुजरानवाला में आतंकवाद निरोधी विभाग (सीटीडी) ने एफआईआर दर्ज करवाई है।

सीटीडी अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की ओर से दिए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एफआईआर की जरूरत थी। भारतीय जांच एजेंसियों के मुताबिक अजहर के मास्टरमाइंड होने के साथ इस हमले में उसके भाई रउफ और पांच अन्य शामिल थे।
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इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला

पाकिस्तान पीनल कोड की धारा 302, 324 और 109 और आतंकवाद निरोधी कानून की धारा 7 और 21-1 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें हमले के दौरान आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल किए गए टेलीफोन नंबर का भी जिक्र है।

गौरतलब है कि दो जनवरी को हुए इस हमले के बाद दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच 15 जनवरी को होने वाली वार्ता स्थगित हो गई थी, तब से नई तारीख को लेकर कोई सहमति नहीं बनी है।

भारत ने इस हमले के दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होने तक वार्ता नहीं करने का संकेत दिया है। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने हमले के बाद भारत के भारी दबाव में छह सदस्यीय जांच टीम गठित की थी।
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भारत से मांगे और सबूत

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कानून मंत्री राणा सनउल्लाह ने शुक्रवार को कहा कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भारत से और अधिक सूचनाएं मांगी जाएगी। लाहौर में उन्होंने कहा कि यह एफआईआर आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को दिखाता है। एक सवाल पर सनाउल्लाह ने कहा कि अजहर सहित कोई भी इस मामले में अगर दोषी पाया जाता है तो उसको सजा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने दीजिए। अगर मसूद अजहर दोषी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भारत से कहा कि अगर उसके पास अजहर के खिलाफ कोई सबूत है तो वह उपलब्ध करवाए। एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच के लिए नई संयुक्त जांच टीम गठित की जाएगी।
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