उर्दू में लघु कहानियों और शायरी के लिए विख्यात पाकिस्तान के साहित्यकार इंतिजार हुसैन का मंगलवार को इंतकाल हो गया। बुलंदशहर के डिबाई कस्बे में 7 दिसंबर 1923 को जन्में हुसैन 1947 में लाहौर चले गए थे। उन्होंने 1946 में मेरठ कॉलेज से उर्दू में एमए किया था।
वह ऐसे पहले पाकिस्तानी साहित्यकार थे जिन्हें कहानियों के लिए ‘मैन बुकर इंटरनेशनल पुरस्कार’ के लिए नामित किया गया था।
पिछले सप्ताह तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें लाहौर के डिफेंस अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मंगलवार दोपहर को उन्होंने इसी अस्पताल में अंतिम सांस ली।
उन्होंने विभिन्न अखबारों के लिए काम किया और 1988 में डेली मशरिक से सेवानिवृत्त हुए। 2014 में फ्रांस ने उन्हें ‘ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ आर्ट्स एंड लेटर्स’ का सम्मान दिया था। 2012 में वह मैन बुकर इंटरनेशनल पुरस्कार के लिए चयनित 10 लेखकों में शामिल थे।