पाकिस्तान के दक्षिणी पश्चिमी सूबे बलूचिस्तान में मंगलवार दोपहर बाद आए ज़बरदस्त भूकंप में भारी तबाही हुई है और मरने वालों की संख्या 330 तक पहुंच गई है। कम से कम 340 लोग घायल हुए हैं।
बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता जान बुलेदी ने कहा है कि सबसे ज़्यादा नुकसान अवारन शहर और उसके आस-पास के गांवों में हुआ है। प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।
उन्होंने बीबीसी संवाददाता अहमद रज़ा को टेलीफ़ोन पर बताया कि मरने वालों में सबसे ज़्यादा संख्या बच्चों की है।
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री ने कहा है कि अवारन में स्थानीय स्कूल भवन के अलावा कई सरकारी कार्यालय तबाह हो गए हैं।
अमेरिका की जियोलॉजिकल सर्वे संस्था के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 7।7 थी।
बचाव कार्य
ख़बरों के मुताबिक भूकंप से प्रभावित लोगों को साफ़ पानी, चिकित्सा सुविधा और टेंटों की सख्त ज़रूरत है।
बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता जान बुलेदी का कहना था कि वहां पर चिकित्सा सुविधाएं काफ़ी कम हैं।
उन्होंने बताया, "हमारे यहां चिकित्सा सुविधाएं काफ़ी कम हैं और स्थानीय अस्पतालों में घायलों के इलाज के लिए जगह नहीं है।"
उन्होंने ये भी बताया कि गंभीर रूप से घायल लोगों को हेलीकॉप्टर से कराची ले जाया जा रहा है जबकि बाकी लोगों का पास के ज़िलों में इलाज चल रहा है।
उधर पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि उसने प्रांतीय राजधानी क्वेटा से 200 से ज़्यादा सैनिक, चिकित्सा दल और टेंट भेजे हैं लेकिन ये पहाड़ी इलाका होने की वजह से बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं
समुद्र से उभरा टापू
पुलिस का कहना है कि भूकंप के झटकों की वजह से ग्वादर के तट के पास तीस मीटर चौड़ा एक टापू उभर आया है।
अधिकारियों का कहना है कि सैकड़ों गांव पूरी तरह से तबाह हो गए हैं और हज़ारों लोगों को रात खुले में गुज़ारनी पड़ रही है।
सरकार ने दो ज़िले में आपात स्थिति की घोषणा कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।
भूकंप का केंद्र अवारन का इलाक़ा था।
पाकिस्तान के प्रमुख मौसम वैज्ञानिक मोहम्मद रियाज़ ने बताया है कि बलूचिस्तान में खुज़दार क़स्बे में बड़ा भूकंप आया।
झटके
भूकंप के झटके दूर-दराज़ कराची और हैदराबाद और भारत की राजधानी दिल्ली में भी महसूस किए गए। वहीं अहमदाबाद में भी लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए।
पाकिस्तान में कराची और हैदराबाद में लोग अपने दफ़्तरों से बाहर आ गए।
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है लेकिन जनसंख्या के हिसाब से वहाँ कम लोग रहते हैं। भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम साढ़े चार बजे आया।
बलूचिस्तान में पहले भी भूकंप आ चुके हैं। पिछले साल अप्रैल में ईरान में भूकंप आया था जिसका असर पाकिस्तान में भी हुआ था। इस दौरान कम से कम 35 लोगों की मौत हो गई थी।