टोक्यो एवं बीजिंग में बढ़ते तनाव के बीच चीन ने मंगलवार को अपना पहला विमानवाहक पोत नौसेना में शामिल कर लिया। ऐसे में तेजी से बढ़ती चीनी नौसेना की गहरे समुद्री क्षेत्र में ताकत और भी बढ़ गई है। रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि 300 मीटर का यह पोत नौसेना की संचालन क्षमता को बढ़ाएगा। साथ ही देश की संप्रभुता एवं सुरक्षा और भी बेहतर ढंग से की जा सकेगी।
करीब 60 हजार टन वजनी यह विमानवाहक पोत सोवियत संघ का था। चीन ने यूक्रेन से इसे खरीदा और नवीनीकरण किया। पोत का नामकरण 1945 में जापान के कब्जे से मुक्त कराए गए चीन के एक प्रांत ‘लियाओनिंग’ के नाम पर किया गया। टोक्यो के लिए इसे एक सांकेतिक चेतावनी के रूप में माना जा सकता है। गौरतलब है पूर्व चीन सागर में विवादित द्वीप समूहों को लेकर चीन-जापान में राजनयिक गतिरोध काफी बढ़ गया है। इसके अलावा प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध दक्षिण चीन सागर में भी चीन का फिलीपींस और वियतनाम जैसे देशों से विवाद चल रहा है।