पाकिस्तान के शहर पेशावर में एक सिनेमाघर में एक के बाद एक तीन धमाकों में कम से कम 11 लोग मारे गए हैं और 19 घायल हुए हैं।
अभी तक किसी गुट ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है लेकिन सिनेमा मालिकों का कहना है कि उन्हें लगातार चरमपंथियों की तरफ से चेतावनी मिलती रही हैं कि वे सिनेमा को बंद करें।
दो हफ़्ते पहले भी पेशावर में एक सिनेमा को धमाकों में निशाना बनाया गया था जिसमें पांच लोग मारे गए थे।
हाल के वर्षों में पेशावर में लगातार बम धमाके और गोलीबारी की घटनाएं होती रही हैं, जिनमें आम तौर पर तालिबान का हाथ होता है।
पाकिस्तान में कई वर्षों से जारी चरमपंथी हिंसा को रोकने के लिए पिछले दिनों तालिबान और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत शुरू हुई।
इस बातचीत में शांति के लिए सरकार की तरफ से जो पांच शर्तें रखी गई हैं उनमें हिंसा रोका जाना भी शामिल है।
निंदा
मंगलवार को शमा सिनेमा में स्थानीय समय के अनुसार उस वक़्त धमाके हुए जब वहां एक फ़िल्म दिखाई जा रही थी। एक रिपोर्ट के अनुसार धमाकों के वक्त सिनेमा में लगभग 80 लोग मौजूद थे।
मरने और घायल होने वाले लोगों की उम्र 20 से 35 साल के बीच है। पुलिस का कहना है कि धमाके के बाद सिनेमा चलाने वाले लोग वहां से ग़ायब हो गए।
राहतकर्मियों का कहना है कि घायलों को पेशावर के लेडी हार्डिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पिछले 48 घंटों के दौरान पेशावर और उसके आस-पास के इलाकों में कई बम हमले हुए हैं।
सरकार के साथ बातचीत के लिए तालिबान के प्रतिनिधियों की कमेटी के सदस्य प्रोफेसर अब्राहम ख़ान ने शमा सिनेमा पर होने वाले हमले की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने कहा, “इन धमाकों के ज़रिए बातचीत में बाधा अटकाने की कोशिश की गई है, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। वही लोग ऐसी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं जो देश में शांति नहीं चाहते हैं।”