पाकिस्तान के कबाइली इलाक़े खैबर एजेंसी में एक सिख हकीम को अगवा किए जाने के एक महीने बाद उनकी सिर कटी लाश मिली है।
खबरें है कि एक चरमपंथी गुट ने कथित तौर पर मोहिंदर सिंह को एक दूसरे गुट के लिए जासूसी करने के आरोप में कत्ल किया है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि तौहीदुल इस्लाम नाम के चरमपंथी संगठन ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली है।
मोहिंदर सिंह का जमरूद इलाके में चौरा नाम की जगह पर एक दवाखाना था और वो रोजाना पेशावर से वहां जाते थे। एक महीने पहले अज्ञात लोगों ने उनका अपहरण कर लिया।
पाकिस्तान के अखबार डॉन की खबर है कि मोहिंदर सिंह की सिर कटी लाश मिली। लाश को एक बोरे में भर कर फेंकने से पहले विकृत भी किया गया था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लाश के पास एक लिखित बयान भी मिला है।
लोगों ने बताया कि इस बयान में एक हथियारबंद गुट तौहीदुल इस्लाम ने कहा है कि मोहिंदर सिंह विरोधी गुट लश्कर-ए-इस्लाम के लिए जासूसी करते थे और इसी वजह से उनकी हत्या की गई।
मोहिंदर सिंह के भाई दसवंत सिंह ने उनके शव की पहचान की।
दसवंत सिंह ने बताया, “हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और हमें खैबर एजेंसी में शांति से रहते हुए 60 साल से भी ज्यादा समय हो गया है।”
उन्होंने बताया कि उनके परिवार ने तौहीदुल इस्लाम से संपर्क करके मोहिंदर के बार में पूछा था लेकिन उन्होंने इस बारे में कोई जानकारी होने से इनकार कर दिया।