पीओके से होकर गुजरने वाला चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर(सीपीईसी) के खिलाफ बलूच नागरिकों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। बलूच नागरिकों ने विरोध जताने के लिए लंदन में चीनी दूतावास के समाने विरोध-प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन को पाकिस्तान के सिंध प्रांत के रहने वाले लोगों ने भी समर्थन दिया और वे भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले बलूच ऐक्टिविस्ट, जावेद मेंगल ने बताया, 'बलूचिस्तान में इस वक्त युद्ध जैसे हालात हैं। पाकिस्तानी सेना बलूचिस्तान में सीपीईसी के बहाने ऑपरेशन करती है और बेगुनाहों को निशाना बनाती है। बलूचिस्तान में रहने वाले लोगों को वहां से जबरन भगाया जा रहा है।'
Balochistan is in state of war, Pak army conducts operations in name of CPEC. People are forced to move out: Javed Mengal, Baloch Activist pic.twitter.com/FgutgPOXGu
— ANI (@ANI_news) February 22, 2017
क्या है चीन-पाक आर्थिक गलियारा
पाक में बलूचिस्तान के ग्वादर से शुरू होकर यह गलियारा चीन के मुस्लिम बहुल इलाके में स्थित काशगर तक जाएगा। यह गलियारा चीन-पाकिस्तान के बीच यातायात व ऊर्जा का मिला-जुला प्रोजेक्ट है। इसके तहत समुद्र में बंदरगाह भी विकसित होगा जो भारतीय हिंद महासागर तक चीन की पहुंच बना देगा। यह रास्ता चीन को मध्य-पूर्व व अफ्रीका तक पहुंचने के लिए छोटा रास्ता उपलब्ध कराएगा, जहां हजारों चीनी कंपनियां कारोबार कर रही हैं।