शियाओं को निशाना बनाए जाने का विरोध करने वाले पाकिस्तान के प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम जकी की कराची में तालिबानी हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। जकी (40) सोशल मीडिया पर अभियान चलाने के लिए भी जाने जाते थे।
हमले में उनके दोस्त एवं पत्रकार राव खालिद की भी मौत हो गई। दोनों को उस समय गोली मारी गई जब वे शनिवार रात न्यू कराची के सेक्टर-11 में एक रेस्तरां से भोजन करके लौट रहे थे। चार हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर आए थे। हमले में एक अन्य राहगीर असलम गंभीर रूप से जख्मी हुआ है। इस पूरे मामले को एक सांप्रदायिक हमले के तौर पर देखा जा रहा है।
तालिबान के हकीमुल्ला महसूद गुट ने हमले की जिम्मेदारी ली है। आतंकी संगठन ने कहा कि लाल मस्जिद के मौलाना अब्दुल अजीज के बारे में जकी के विचारों के कारण उन्हें निशाना बनाया गया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा है कि यह सांप्रदायिक हमला हो सकता है क्योंकि मारे गए दोनों लोग शिया समुदाय से ताल्लुक रखते थे।