पाकिस्तान सरकार ने अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की उस रिपोर्ट का कड़ा विरोध किया है जिसमें कहा गया है पाकिस्तान ने भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ चरमपंथी संगठनों का इस्तेमाल अभी भी जारी रखा है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी लिखित बयान में कहा गया है कि रिपोर्ट में पाकिस्तान पर बिना किसी सबूत के आरोप लगाया गया है।
इसे औचित्यहीन बयान बताते हुए पाकिस्तान ने अपनी चिंता अमेरिकी राजदूत रिचर्ड ओलसन तक पहुंचा दी है जिन्हें विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बुलाया गया था।
इससे पहले, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, "पाकिस्तान चरमपंथियों का इस्तेमाल अफगानिस्तान में अपने घटते प्रभाव और भारत की बेहतर फौजी ताकत के खिलाफ कर रहा है।"
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तानी सीमा के अंदर छिपे हुए तालिबान चरमपंथी अभी भी अफगानिस्तान में हमले कर रहे हैं और ये पाकिस्तान-अफगानिस्तान द्विपक्षीय रिश्तों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है।