पाकिस्तान हालांकि अपनी सरजमीं पर इस्लामिक स्टेट (आईएस) की मौजूदगी से इनकार करता रहा है लेकिन एक जाने माने थिंक टैंक ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान में इस अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन का दबदबा खतरनाक ढंग से बढ़ रहा है और वह इस मुल्क की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन कर उभरा है।
पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज (पीआईपीएस) के अनुसार आईएस मुख्य रूप से उत्तरी सिंध और बलूचिस्तान में सक्रिय है। पिछले साल चीन के दो नागरिकों के अपहरण और हत्या में भी इसी आतंकी संगठन का हाथ था। डॉन अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक आईएस ने छह बड़े हमले किए जिनमें 153 लोगों की मौत हुई है।
पीआईपीएस के अनुसार पाकिस्तान में 2017 में 370 आतंकी हमले हुए जिनमें 815 लोग मारे गए और 1736 लोग जख्मी हुए। बलूचिस्तान और जनजातीय इलाकों को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा जहां आतंकी हमलों में क्रमश: 288 और 253 लोगों की मौत हुई। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, जमात-उल-अहरार एवं इसके जैसे संगठनों ने 58 फीसदी आतंकी हमलों को अंजाम दिया।